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छापेमारी कर बाल श्रम में लगे 21 बालक पकड़े
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:36 PM IST
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बालश्रम रोकने के लिए एसडीएम व श्रम अधिकारी का छापा
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शहर में बालश्रम रोकने के लिए एसडीएम ने श्रम अधिकारी व पुलिस टीम के साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। काम करने वाले नाबालिग भाग निकले। टीम ने ढाबे, होटल व अन्य दुकानों से कुल 21 बालकों को पकड़ा है।
बुधवार को एसडीएम इंदू प्रकाश ने श्रम अधिकारी रामकुमार के साथ शहर के कई दुकानों में छापेमारी की। सुरक्षा के लिए उनके साथ कोतवाल अनिल सिंह व उनकी टीम भी थी। नाबालिग बच्चों से दुकान में काम कराने पर कई दुकानों से से बालकों को पकड़ा गया है। इन दुकानदारों के नाम लिखकर अधिकारियों ने सभी बालकों का मेडिकल परीक्षण कराया। एसडीएम ने बताया कि मेडिकल के बाद इनको सीजेएम कोर्ट में हाजिर किया जाएगा। जहां से जुर्माना होगा इसके बाद बच्चों को उनके परिजनों को बुुलाकर सौंपा जाएगा।
नाबालिगों को धमकाते रहे श्रम अधिकारी
चित्रकूट। मानवाधिकार की बड़ी बड़ी बातें करने वाले अधिकारी सुबह से दुकानों से बालकों को पकड़ा। इसके बाद अपने वाहनों में दिनभर घुमाते रहे। शाम को जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए बैठाए रखा। सुबह से शाम तक इन 21 बालकों को एक भी बार प्रशासन ने खाने को कुछ नहीं दिया। उल्टे श्रम अधिकारी लगातार बालकों व उनके परिजनों को धमकाते रहे कि कहीं इधर-उधर गए तो पकड़कर जेल भेज देंगे। जिससे बालक भयभीत भी रहे। इस मामले में एसडीएम ने बताया कि बालकों के खानपान के लिए श्रम अधिकारी को सहेजा गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शहर में बालश्रम रोकने के लिए एसडीएम ने श्रम अधिकारी व पुलिस टीम के साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। काम करने वाले नाबालिग भाग निकले। टीम ने ढाबे, होटल व अन्य दुकानों से कुल 21 बालकों को पकड़ा है।
बुधवार को एसडीएम इंदू प्रकाश ने श्रम अधिकारी रामकुमार के साथ शहर के कई दुकानों में छापेमारी की। सुरक्षा के लिए उनके साथ कोतवाल अनिल सिंह व उनकी टीम भी थी। नाबालिग बच्चों से दुकान में काम कराने पर कई दुकानों से से बालकों को पकड़ा गया है। इन दुकानदारों के नाम लिखकर अधिकारियों ने सभी बालकों का मेडिकल परीक्षण कराया। एसडीएम ने बताया कि मेडिकल के बाद इनको सीजेएम कोर्ट में हाजिर किया जाएगा। जहां से जुर्माना होगा इसके बाद बच्चों को उनके परिजनों को बुुलाकर सौंपा जाएगा।
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नाबालिगों को धमकाते रहे श्रम अधिकारी
चित्रकूट। मानवाधिकार की बड़ी बड़ी बातें करने वाले अधिकारी सुबह से दुकानों से बालकों को पकड़ा। इसके बाद अपने वाहनों में दिनभर घुमाते रहे। शाम को जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए बैठाए रखा। सुबह से शाम तक इन 21 बालकों को एक भी बार प्रशासन ने खाने को कुछ नहीं दिया। उल्टे श्रम अधिकारी लगातार बालकों व उनके परिजनों को धमकाते रहे कि कहीं इधर-उधर गए तो पकड़कर जेल भेज देंगे। जिससे बालक भयभीत भी रहे। इस मामले में एसडीएम ने बताया कि बालकों के खानपान के लिए श्रम अधिकारी को सहेजा गया था।
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