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न मिला न्याय तो मुख्यमंत्री आवास के सामने करेंगे आत्मदाह
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न्याय न मिला तो सीएम आवास के सामने करेंगे आत्मदाह
चित्रकूट। आरपीएफ जवान की हत्या के मामले में मृतक के भाइयों व चाचा ने पुलिस की जांच पर संदेह जताया है। आरोप है कि पुलिस निष्पक्षता के साथ जांच नहीं कर रही है। एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई न होने पर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी। उधर कोतवाली पुलिस घर से भागे नामजद हत्यारोपी मृतक जवान की सास व दो सालियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। दावा है कि अब 24 घंटे के अंदर तीनों को पकड़ लिया जाएगा।
शहर के शंकरगंज में दस जून की रात को ससुराल आए चौरहा जिला सतना मप्र निवासी आरपीएफ जवान बृजकिशोर द्विवेदी की हत्या हुई थी। जिसमें जवान की पत्नी स्मृति द्विवेदी समेत सास व दो सालियों पर मारपीट कर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या करने की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज की गई है। पुलिस ने स्मृति को जेल भेज दिया है लेकिन अन्य आरोपी फरार हैं। जिनकी तलाश में तीन टीमें लगातार कई जिलों में इनके रिश्तेदारों के घर पर छापे मार रही हैं। सोमवार को कोतवाल अनिल सिंह ने दावा किया है कि फरार तीनों नामजद का सुराग मिल गया है। अगले 24 घंटे के अंदर तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उधर सोमवार को मृतक जवान के भाई विष्णुदेव व चाचा कमला प्रसाद द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि इस हत्याकांड में चित्रकूट पुलिस विभाग के कुछ अफसर समेत व्यापारी व समाजसेवी की भूमिका भी संदिग्ध है। जिनकी बार-बार कहने के बावजूद जांच नहीं कराई जा रही है। पुलिस इन संदिग्धों को बचाने का प्रयास कर रही है। इनको जिले से हटाने की मांग की है। पत्र में यह भी कहा कि यह सब जांच प्रभावित कर रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर अगर ठोस कार्रवाई न हुई तो वह सब लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह कर लेंगे।
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निष्पक्षता से हो रही जांच
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि आरपीएफ जवान की हत्या के मामले में पूरी निष्पक्षता से जांच हो रही है। बेवजह किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। मृतक जवान के परिजनों से हमदर्दी है पर शायद किसी के कहने पर पुलिस कार्रवाई पर अड़ंगा डालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे जांच प्रभावित हो रही है। यह जरूर है कि जांच में जिसका भी नाम आएगा तो सही जांच व पूछताछ की जाएगी।
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चित्रकूट। आरपीएफ जवान की हत्या के मामले में मृतक के भाइयों व चाचा ने पुलिस की जांच पर संदेह जताया है। आरोप है कि पुलिस निष्पक्षता के साथ जांच नहीं कर रही है। एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई न होने पर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी। उधर कोतवाली पुलिस घर से भागे नामजद हत्यारोपी मृतक जवान की सास व दो सालियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। दावा है कि अब 24 घंटे के अंदर तीनों को पकड़ लिया जाएगा।
शहर के शंकरगंज में दस जून की रात को ससुराल आए चौरहा जिला सतना मप्र निवासी आरपीएफ जवान बृजकिशोर द्विवेदी की हत्या हुई थी। जिसमें जवान की पत्नी स्मृति द्विवेदी समेत सास व दो सालियों पर मारपीट कर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या करने की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज की गई है। पुलिस ने स्मृति को जेल भेज दिया है लेकिन अन्य आरोपी फरार हैं। जिनकी तलाश में तीन टीमें लगातार कई जिलों में इनके रिश्तेदारों के घर पर छापे मार रही हैं। सोमवार को कोतवाल अनिल सिंह ने दावा किया है कि फरार तीनों नामजद का सुराग मिल गया है। अगले 24 घंटे के अंदर तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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उधर सोमवार को मृतक जवान के भाई विष्णुदेव व चाचा कमला प्रसाद द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि इस हत्याकांड में चित्रकूट पुलिस विभाग के कुछ अफसर समेत व्यापारी व समाजसेवी की भूमिका भी संदिग्ध है। जिनकी बार-बार कहने के बावजूद जांच नहीं कराई जा रही है। पुलिस इन संदिग्धों को बचाने का प्रयास कर रही है। इनको जिले से हटाने की मांग की है। पत्र में यह भी कहा कि यह सब जांच प्रभावित कर रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर अगर ठोस कार्रवाई न हुई तो वह सब लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह कर लेंगे।
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निष्पक्षता से हो रही जांच
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि आरपीएफ जवान की हत्या के मामले में पूरी निष्पक्षता से जांच हो रही है। बेवजह किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। मृतक जवान के परिजनों से हमदर्दी है पर शायद किसी के कहने पर पुलिस कार्रवाई पर अड़ंगा डालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे जांच प्रभावित हो रही है। यह जरूर है कि जांच में जिसका भी नाम आएगा तो सही जांच व पूछताछ की जाएगी।