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Chitrakoot News: विवाहिता से दुराचार के आरोपी को 10 साल की कैद
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चित्रकूट। चारा लेने गई विवाहिता के साथ दुराचार का आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने युवक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील सिंह ने बताया कि राजापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में सात नवंबर 2016 को एक विवाहिता दोपहर के समय खेतों में चारा काटने गई थी। इस दौरान खेत में पहले से छिप कर बैठे हरदौली गांव के कछियापुरवा निवासी जयराम उर्फ करिया ने उसे अरहर के खेत में पकड़ लिया और तमंचे दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए दुराचार किया।
विरोध करने पर मारपीट भी की। साथ ही इस घटना की जानकारी किसी को देने पर परिवार को मार देने की धमकी दी। घर पहुंचने पर पीड़िता ने इसकी जानकारी सास को दी और रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई, किंतु पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
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पुलिस ने इस मामले में आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय के लाल ने शुक्रवार को निर्णय सुनाया। आरोपी जयराम उर्फ करिया को दोष सिद्ध होने के बाद 10 वर्ष कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील सिंह ने बताया कि राजापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में सात नवंबर 2016 को एक विवाहिता दोपहर के समय खेतों में चारा काटने गई थी। इस दौरान खेत में पहले से छिप कर बैठे हरदौली गांव के कछियापुरवा निवासी जयराम उर्फ करिया ने उसे अरहर के खेत में पकड़ लिया और तमंचे दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए दुराचार किया।
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विरोध करने पर मारपीट भी की। साथ ही इस घटना की जानकारी किसी को देने पर परिवार को मार देने की धमकी दी। घर पहुंचने पर पीड़िता ने इसकी जानकारी सास को दी और रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई, किंतु पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
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पुलिस ने इस मामले में आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय के लाल ने शुक्रवार को निर्णय सुनाया। आरोपी जयराम उर्फ करिया को दोष सिद्ध होने के बाद 10 वर्ष कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।