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पास-पास बनाए पांच चेकडैम, छठे की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Tue, 23 Dec 2014 11:30 PM IST
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दो-ढाई किमी की दूरी में पांच चेकडैम बना दिए गए और छठवां बनाने की तैयारी
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है। ग्रामीणों ने परेशान होकर डीएम से ध्यान देने की गुहार की है।
ग्रामीणों की परेशानी इस बात को लेकर है कि जिस नाले के संदर्भ में ये
चेकडैम बनाए जा रहे हैं, उसका ही अस्तित्व विचाराधीन है, मायने कि उसमें
पानी सिर्फ बरसात में ही होता है।
यह सारा हाल है विकासखंड मऊ के खंडेहा गांव का। यहां के मजरे अर्जुनपुर निवासी प्रेमकिशोर पुत्र हनुमानदास ने इन चेकडैमों के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
प्रेमकिशोर ने बताया कि आरटीआई के तहत कार्यदायी संस्था के कार्यालय परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं परिकल्प सेवाएं नलकूप विंग उप्र जल निगम से 26 मार्च 12 को जानकारी मांगी थी। तब बताया था कि ये चेकडैम राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत बन रहे हैं।
इसके तहत खंडेहा प्रथम की लागत 41.21 लाख, द्वितीय की 30.02 लाख, तृतीय की 31.21 लाख, चतुर्थ की 35.92 लाख, पंचम की 35.92 लाख, छठे की 35.92 लाख रुपए है। यहीं पर खंडेहा से अहिरनपुरवा के लगभग ढाई किमी के दायरे में लघु सिंचाई विभाग बुंदेलखंड पैकेज के तहत छठवां चेकडैम बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जांच की जाए तो अनियमितता का स्वत: खुुलासा हो जाएगा। पिछले दिनों तहसील दिवस में कल्याण सिंह, प्रेमराज सिंह, सूर्यभान सिंह, बाबूलाल, राकेश उदयभान, रामबहोरी, प्रेमसिंह आदि ने चेकडैमों के निर्माण के स्थल को लेकर आपत्ति जताई है।
इनका दावा है कि लघु सिंचाई विभाग का चेकडैम गड़रियन पुरवा में बन रहा है जो नियमत: गलत है। पहले ही इसके उत्तर और दक्षिण में सौ-सौ मीटर दूरी पर चेकडैम बने हैं। इनकी मांग है कि अगर यह चेकडैम अक्षयधाम पहाड़ी से दक्षिण में बनाकर वहीं सेमरिया नदी से जोड़ दिया जाए तो इसका फायदा होगा।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने कहा कि तहसील दिवस में दिया गया शिकायती पत्र मिला है। वह इसकी जांच कराएंगे। अधिशासी अभियंता ने कहा, ऐसा नहीं है, नाले में पर्याप्त पानी रहता है।
सीडीओ एन पी सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी मिली है। मौके का मुआयना किया जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत सही मिली तो चेकडैम नियम के विरुद्ध मिलने पर कार्रवाई होगी।
यह सारा हाल है विकासखंड मऊ के खंडेहा गांव का। यहां के मजरे अर्जुनपुर निवासी प्रेमकिशोर पुत्र हनुमानदास ने इन चेकडैमों के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
प्रेमकिशोर ने बताया कि आरटीआई के तहत कार्यदायी संस्था के कार्यालय परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं परिकल्प सेवाएं नलकूप विंग उप्र जल निगम से 26 मार्च 12 को जानकारी मांगी थी। तब बताया था कि ये चेकडैम राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत बन रहे हैं।
इसके तहत खंडेहा प्रथम की लागत 41.21 लाख, द्वितीय की 30.02 लाख, तृतीय की 31.21 लाख, चतुर्थ की 35.92 लाख, पंचम की 35.92 लाख, छठे की 35.92 लाख रुपए है। यहीं पर खंडेहा से अहिरनपुरवा के लगभग ढाई किमी के दायरे में लघु सिंचाई विभाग बुंदेलखंड पैकेज के तहत छठवां चेकडैम बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जांच की जाए तो अनियमितता का स्वत: खुुलासा हो जाएगा। पिछले दिनों तहसील दिवस में कल्याण सिंह, प्रेमराज सिंह, सूर्यभान सिंह, बाबूलाल, राकेश उदयभान, रामबहोरी, प्रेमसिंह आदि ने चेकडैमों के निर्माण के स्थल को लेकर आपत्ति जताई है।
इनका दावा है कि लघु सिंचाई विभाग का चेकडैम गड़रियन पुरवा में बन रहा है जो नियमत: गलत है। पहले ही इसके उत्तर और दक्षिण में सौ-सौ मीटर दूरी पर चेकडैम बने हैं। इनकी मांग है कि अगर यह चेकडैम अक्षयधाम पहाड़ी से दक्षिण में बनाकर वहीं सेमरिया नदी से जोड़ दिया जाए तो इसका फायदा होगा।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने कहा कि तहसील दिवस में दिया गया शिकायती पत्र मिला है। वह इसकी जांच कराएंगे। अधिशासी अभियंता ने कहा, ऐसा नहीं है, नाले में पर्याप्त पानी रहता है।
सीडीओ एन पी सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी मिली है। मौके का मुआयना किया जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत सही मिली तो चेकडैम नियम के विरुद्ध मिलने पर कार्रवाई होगी।