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चित्रकूट :घर-घर दस्तक देकर तलाश रहीं रोगी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लगी टीम, घरों के बाहर लगाए जा रहे स्टीकर और पोस्टर
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चित्रकूट। दस्तक अभियान चलाकर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पांच तरह की बीमारियों का पता लगा रही हैं। अगर किसी के घर के पास मच्छर पनप रहे हैं तो उसकी रिपोर्ट ब्लाक पर दे रही हैं। रोगियों को चिह्नित कर सूची भी तैयार कर रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के साथ ही शनिवार से दस्तक कार्यक्रम भी शुरू हो गया। दस्तक अभियान में टीमें घर घर जाकर पांच तरह की बीमारियों का पता लगा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि दस्तक अभियान में 812 आशा कार्यकर्ता व 812 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।
इसका सुपरविजन करने के लिए एएनएम कम्यूनिटी हेल्थ अफसर आशा संगिनी को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि आशा घर घर जाकर परिवार के लोगों से मलेरिया, टीबी, सर्दी, जुकाम व बुखार से संबंधित सवाल पूछ रही हैं। इसी के साथ वह यह भी जानकारी कर रही हैं कि घर में कोई अति कुपोषित बच्चा तो नहीं है। अगर किसी में बीमारी के लक्षण हैं या कोई अति कुपोषित बच्चा है तो इसकी सूचना वह संबंधित ब्लॉक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दे रही हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के साथ ही शनिवार से दस्तक कार्यक्रम भी शुरू हो गया। दस्तक अभियान में टीमें घर घर जाकर पांच तरह की बीमारियों का पता लगा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि दस्तक अभियान में 812 आशा कार्यकर्ता व 812 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।
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इसका सुपरविजन करने के लिए एएनएम कम्यूनिटी हेल्थ अफसर आशा संगिनी को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि आशा घर घर जाकर परिवार के लोगों से मलेरिया, टीबी, सर्दी, जुकाम व बुखार से संबंधित सवाल पूछ रही हैं। इसी के साथ वह यह भी जानकारी कर रही हैं कि घर में कोई अति कुपोषित बच्चा तो नहीं है। अगर किसी में बीमारी के लक्षण हैं या कोई अति कुपोषित बच्चा है तो इसकी सूचना वह संबंधित ब्लॉक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दे रही हैं।
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