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Chitrakoot News: सीएचसी का गेट बंद कर दिया धरना, हंगामा
Sat, 31 Oct 2026 11:05 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 31 Oct 2026 11:05 PM IST
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फोटो 31 सीकेटीपी 15 प्रदर्शनकारियों से वार्ता करते सीएमओ। संवाद
मानिकपुर (चित्रकूट)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को चिकित्साधीक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच विवाद के बाद हंगामा हो गया।
कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर ताला बंद कर धरना शुरू कर दिया जिससे ओपीडी सेवा ठप हो गई और मरीज परेशान रहे। हालांकि शाम को मुख्य चिकित्साधिकारी ने जांच के बाद तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
सुबह करीब दस बजे चिकित्साधीक्षक मनोज सोनकर और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सोनम श्रीवास्तव से मानदेय कटौती को लेकर कर्मचारियों की बहस हुई। इस दौरान एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी लामबंद हो गए। उन्होंने मुख्य गेट पर बैठकर चिकित्साधीक्षक व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की।
दोपहर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी महेंद्र कुमार जतारया ने कर्मचारियों से बात की, लेकिन वे नहीं माने। शाम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी महेंद्र कुमार त्रिपाठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
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उन्होंने सभी कर्मचारियों से अलग-अलग बातचीत की और जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। कर्मचारियों ने मानिकपुर थाने में चिकित्साधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी है।
धरने से मरीज बेहाल, लौटे बैरंग
चिकित्साधिकारी और कर्मचारियों के विवाद का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। धरने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी की सेवाएं बाधित रहीं। गेट बंद होने से कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। उन्हें निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ा। मानिकपुर निवासी सुंदर यादव ने बताया कि बुखार से पीड़ित बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे, पर गेट बंद होने से क्लीनिक जाना पड़ा।
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बोले जिम्मेदार
कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। चिकित्साधीक्षक को चेतावनी दी गई है कि सभी से शालीनता से व्यवहार करें। कोई भी कर्मचारी गलत करता है तो उसके खिलाफ कागजी कार्रवाई करें। किसी के साथ अभद्रता न करें। डॉ महेंद्र कुमार त्रिपाठी, सीएमओ।
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कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर ताला बंद कर धरना शुरू कर दिया जिससे ओपीडी सेवा ठप हो गई और मरीज परेशान रहे। हालांकि शाम को मुख्य चिकित्साधिकारी ने जांच के बाद तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
सुबह करीब दस बजे चिकित्साधीक्षक मनोज सोनकर और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सोनम श्रीवास्तव से मानदेय कटौती को लेकर कर्मचारियों की बहस हुई। इस दौरान एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी लामबंद हो गए। उन्होंने मुख्य गेट पर बैठकर चिकित्साधीक्षक व ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की।
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दोपहर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी महेंद्र कुमार जतारया ने कर्मचारियों से बात की, लेकिन वे नहीं माने। शाम को मुख्य चिकित्सा अधिकारी महेंद्र कुमार त्रिपाठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
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उन्होंने सभी कर्मचारियों से अलग-अलग बातचीत की और जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। कर्मचारियों ने मानिकपुर थाने में चिकित्साधीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी है।
धरने से मरीज बेहाल, लौटे बैरंग
चिकित्साधिकारी और कर्मचारियों के विवाद का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। धरने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी की सेवाएं बाधित रहीं। गेट बंद होने से कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। उन्हें निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ा। मानिकपुर निवासी सुंदर यादव ने बताया कि बुखार से पीड़ित बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे, पर गेट बंद होने से क्लीनिक जाना पड़ा।
बोले जिम्मेदार
कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। चिकित्साधीक्षक को चेतावनी दी गई है कि सभी से शालीनता से व्यवहार करें। कोई भी कर्मचारी गलत करता है तो उसके खिलाफ कागजी कार्रवाई करें। किसी के साथ अभद्रता न करें। डॉ महेंद्र कुमार त्रिपाठी, सीएमओ।