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Chitrakoot News: बाइक चलवाने के बहाने बुलाया, गला दबाकर मार डाला
Fri, 23 Jan 2026 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:48 PM IST
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बरगढ़। कपड़ा व्यापारी का 13 वर्षीय बेटा आयुष बाइक चलाने का शौकीन था। किसी की भी बाइक देखते ही उसे चलाने की जिद करने लगता था। अपने लिए बाइक की वह पिता अशोक और चाचा आशीष से अक्सर मांग करता रहता था। यह शौक ही उसे उस दिन मौत के मुंह में ले गया। आयुष की इस कमजोर नस को पूर्व किरायेदार भले से जानता था। इसी लिए उसने आयुष को अपहरण में अपना हथियार बनाया। खुद सामने न जाकर उसने कल्लू को बाइक देकर भेजा, जो बाद में मुठभेड़ में मारा गया।
आयुष की दिनचर्या में खेलकूद के साथ बाइक चलाना भी शामिल था। वह हर रात आठ से नौ बजे तक क्रिकेट और बैडमिंटन खेलने के लिए घर से निकलता था। परिजनों के बुलाने पर ही वह घर लौटता था। उसकी यह आदतें उसके दोस्तों और पड़ोसियों के बीच चर्चा का विषय थीं। वह अपनी उम्र के हिसाब से काफी उत्साही और मिलनसार था लेकिन बाइक के प्रति उसका लगाव कुछ ज्यादा ही था। यही कारण रहा कि बृहस्पितवार को जब कल्लू ने उसे बाइक चलाने का इशारा दिया तो वह बिना कुछ सोचे समझे निकल पड़ा। (संवाद)
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आरोपियों को पता था कि व्यापारी जुटा लेगा रकम
बरगढ़। मुख्य आरोपी इरफान अंसारी को पता था कि व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी का अपहरण कर लेंगे तो उससे मोटी रकम मिलेगी। जिससे उसका सारा कर्ज आसानी से चुकता हो जाएगा। व्यापारी का अच्छा कारोबार है और उससे अच्छी आमदनी भी हो रही है। इस कारण इरफान व उसकी दुकान में काम करने वाले कल्लू उर्फ साहबे आलम ने आयुष का अपहरण कर 40 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी। दोनों जानते थे कि बेटे के लिए व्यापारी इतनी रकम आसानी से जुटा लेगा। (संवाद)
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आयुष की दिनचर्या में खेलकूद के साथ बाइक चलाना भी शामिल था। वह हर रात आठ से नौ बजे तक क्रिकेट और बैडमिंटन खेलने के लिए घर से निकलता था। परिजनों के बुलाने पर ही वह घर लौटता था। उसकी यह आदतें उसके दोस्तों और पड़ोसियों के बीच चर्चा का विषय थीं। वह अपनी उम्र के हिसाब से काफी उत्साही और मिलनसार था लेकिन बाइक के प्रति उसका लगाव कुछ ज्यादा ही था। यही कारण रहा कि बृहस्पितवार को जब कल्लू ने उसे बाइक चलाने का इशारा दिया तो वह बिना कुछ सोचे समझे निकल पड़ा। (संवाद)
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आरोपियों को पता था कि व्यापारी जुटा लेगा रकम
बरगढ़। मुख्य आरोपी इरफान अंसारी को पता था कि व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी का अपहरण कर लेंगे तो उससे मोटी रकम मिलेगी। जिससे उसका सारा कर्ज आसानी से चुकता हो जाएगा। व्यापारी का अच्छा कारोबार है और उससे अच्छी आमदनी भी हो रही है। इस कारण इरफान व उसकी दुकान में काम करने वाले कल्लू उर्फ साहबे आलम ने आयुष का अपहरण कर 40 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी। दोनों जानते थे कि बेटे के लिए व्यापारी इतनी रकम आसानी से जुटा लेगा। (संवाद)
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