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Chitrakoot News: डिजिटल अरेस्ट करने वालों को सिम मुहैया कराने वाले की जमानत खारिज
Sat, 13 Sep 2025 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:40 AM IST
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चित्रकूट। डिजिटल अरेस्ट और पार्सल स्कैम से साइबर अपराध करने वाले संगठित गिरोहों को अनाधिकृत तरीके से प्रीएक्टीवेटेड सिम उपलब्ध कराने के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने खारिज कर दी है।
राजापुर थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट, स्टॉक मार्केट, पार्सल स्कैम आदि तरीकों से साइबर अपराध करने वाले संगठित गिरोहों को अनाधिकृत तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर उपलब्ध कराने वाले पीओएस एजेंटों की सूची दूर संचार विभाग ने दी थी। जिसमें चित्रकूट जिले के भी कुछ दुकानदार पकड़े गए थे। जिसमें ओम प्रकाश अग्रहरि, राहुल पाण्डेय व शिवदयाल निषाद का नाम सामने आया था। इन तीनों के अलावा पुलिस ने इस मामले में प्रतापगढ़ के किलहना पुर मलाका रजकपुर निवासी मोहम्मद नौफिल को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी ने अधिवक्ता के जरिए न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने इस मामले को राष्ट्र हित से जुड़ा प्रकरण करार देते हुए कहा कि इससे संपूर्ण राष्ट्र को आर्थिक नुकसान होना भी संभावित है। इस मामले में लखनऊ की एसटीएफ टीम द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी एवं सामग्री बरामदगी की गई है। साथ ही वादी मुकदमा भी एसटीएफ के उपनिरीक्षक है, जिससे इस प्रकरण की गंभीरता को समझा जा सकता है। अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने बताया कि ऐसे में आरोपी मोहम्मद नौफिल का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया गया है।
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राजापुर थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट, स्टॉक मार्केट, पार्सल स्कैम आदि तरीकों से साइबर अपराध करने वाले संगठित गिरोहों को अनाधिकृत तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर उपलब्ध कराने वाले पीओएस एजेंटों की सूची दूर संचार विभाग ने दी थी। जिसमें चित्रकूट जिले के भी कुछ दुकानदार पकड़े गए थे। जिसमें ओम प्रकाश अग्रहरि, राहुल पाण्डेय व शिवदयाल निषाद का नाम सामने आया था। इन तीनों के अलावा पुलिस ने इस मामले में प्रतापगढ़ के किलहना पुर मलाका रजकपुर निवासी मोहम्मद नौफिल को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी ने अधिवक्ता के जरिए न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने इस मामले को राष्ट्र हित से जुड़ा प्रकरण करार देते हुए कहा कि इससे संपूर्ण राष्ट्र को आर्थिक नुकसान होना भी संभावित है। इस मामले में लखनऊ की एसटीएफ टीम द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी एवं सामग्री बरामदगी की गई है। साथ ही वादी मुकदमा भी एसटीएफ के उपनिरीक्षक है, जिससे इस प्रकरण की गंभीरता को समझा जा सकता है। अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने बताया कि ऐसे में आरोपी मोहम्मद नौफिल का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया गया है।
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