{"_id":"617d8eac60852a4f99544332","slug":"amitabha-yash-eliminated-the-dacoits-with-the-help-of-patha-chitrakoot-news-knp661393176","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिताभ यश ने पाठा से किया डकैतों का सफाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिताभ यश ने पाठा से किया डकैतों का सफाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट/मानिकपुर। पाठा से डकैतों का सफाया करने का श्रेय एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यस को जाता है। उनके नेतृत्व में एसटीएफ टीम ने कई नामी डकैतों को मार गिराया। इसकी शुरुआत उन्होंने दस्यु ददुआ से की थी। अंतिम कील ठोकने के अभियान में एसटीएफ के एसएसपी हेमराज मीणा की योजना का भी बहुत योगदान रहा। एसटीएफ एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि एक साल से डाकू गौरी को मार गिराने की योजना बनाई जा रही थी। कई बार बेहद नजदीक पहुंच कर कामयाबी नहीं मिली थी। इस बार टीम को सफलता मिली।
एडीजी अमिताभ यस ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने पाठा क्षेत्र से डकैतों के सफाये में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने अपने कौशल से कई कुख्यात डाकूओं को मुठभेड़ में मरवाया। सबसे पहले डाकू ददुआ, डाकू ठोकिया को मार गिराया और अब गौरी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उनकी इस कामयाबी की सराहना की जा रही है। मानिकपुर के राजेश द्विवेदी, सुरेश कुमार, रैपुरा के आनंद सिंह कहते हैं अमिताभ यस ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने अपनी रणनीति से डाकुओं का सफाया कर दिया।
कई डाकुओं ने किया था आत्मसमर्पण
चित्रकूट। पाठा क्षेत्र के कई ऐसे डाकू भी रहे, जिन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिससे उनकी जान बच गई। कुछ डकैत अभी भी जेल में हैं तो कुछ अपने घर में इस समय रहते है। इनके परिवार के सदस्य प्रधान से लेकर कई अन्य पदों पर रह चुके है। इसमें गया बाबा, खड्ग यादव, डाकू गोप्पा यादव और राधे पटेल हैं। कहा जा रहा है कि यह किस्मत वाले रहे जो पुलिस के हाथों नहीं मारे गये। जिसमेें डाकू गोप्पा यादव इस समय जेल में है। जबकि गया बाबा व खडग यादव परिवार सहित घर में रहते है। गया बाबा तो ब्लाक प्रमुख पद पर भी रह चुका है। इसके साथ ही खड्ग यादव की पत्नी प्रधान पद रह चुकी है। संवाद
विज्ञापन
डाकू बुद्दा ने मारी थी वीपी सिंह के परिवार के सदस्य को गोली
चित्रकूट/मानिकपुर। जिले में कई ऐसे कुख्यात डाकू थे, जिन्होंने सरकार को भी हिला दिया था। कुख्यात डाकू बुद्दा नाई ने तो जंगल में घूमने आए तत्कालीन मुख्यमंत्री वीपी सिंह के परिवार के एक सदस्य को गोली मार दी थी। इस पर वीपी सिंह ने बुद्दा नाई को मारने के लिए पूरी पुलिस लगा दी थी। कुछ ही दिनों बाद बुद्दा नाई मारा गया था। डाकू ठोकिया ने तो भरतकूप क्षेत्र के फतेहगंज जंगल में एसटीएफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी, जिससे 12 जवान शहीद हो गये थे। इससे प्रदेश का शासन हिल गया था। राजापुर क्षेत्र में हुई नान केवट से मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
एडीजी अमिताभ यस ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने पाठा क्षेत्र से डकैतों के सफाये में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने अपने कौशल से कई कुख्यात डाकूओं को मुठभेड़ में मरवाया। सबसे पहले डाकू ददुआ, डाकू ठोकिया को मार गिराया और अब गौरी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उनकी इस कामयाबी की सराहना की जा रही है। मानिकपुर के राजेश द्विवेदी, सुरेश कुमार, रैपुरा के आनंद सिंह कहते हैं अमिताभ यस ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने अपनी रणनीति से डाकुओं का सफाया कर दिया।
विज्ञापन
कई डाकुओं ने किया था आत्मसमर्पण
चित्रकूट। पाठा क्षेत्र के कई ऐसे डाकू भी रहे, जिन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिससे उनकी जान बच गई। कुछ डकैत अभी भी जेल में हैं तो कुछ अपने घर में इस समय रहते है। इनके परिवार के सदस्य प्रधान से लेकर कई अन्य पदों पर रह चुके है। इसमें गया बाबा, खड्ग यादव, डाकू गोप्पा यादव और राधे पटेल हैं। कहा जा रहा है कि यह किस्मत वाले रहे जो पुलिस के हाथों नहीं मारे गये। जिसमेें डाकू गोप्पा यादव इस समय जेल में है। जबकि गया बाबा व खडग यादव परिवार सहित घर में रहते है। गया बाबा तो ब्लाक प्रमुख पद पर भी रह चुका है। इसके साथ ही खड्ग यादव की पत्नी प्रधान पद रह चुकी है। संवाद
विज्ञापन
डाकू बुद्दा ने मारी थी वीपी सिंह के परिवार के सदस्य को गोली
चित्रकूट/मानिकपुर। जिले में कई ऐसे कुख्यात डाकू थे, जिन्होंने सरकार को भी हिला दिया था। कुख्यात डाकू बुद्दा नाई ने तो जंगल में घूमने आए तत्कालीन मुख्यमंत्री वीपी सिंह के परिवार के एक सदस्य को गोली मार दी थी। इस पर वीपी सिंह ने बुद्दा नाई को मारने के लिए पूरी पुलिस लगा दी थी। कुछ ही दिनों बाद बुद्दा नाई मारा गया था। डाकू ठोकिया ने तो भरतकूप क्षेत्र के फतेहगंज जंगल में एसटीएफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी, जिससे 12 जवान शहीद हो गये थे। इससे प्रदेश का शासन हिल गया था। राजापुर क्षेत्र में हुई नान केवट से मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।