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शेर पर सवार होकर आजा शेरावाली मां...
चित्रकूट
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:04 PM IST
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देवी मंदिर में पूजन करतीं महिलाएं और मुख्यालय में आकर्षक सजावट के साथ स्थापित देवी प्रतिमा
- फोटो : amarujala
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चित्रकूट। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन भक्तों ने माता अंबे के चौथे स्वरूप माता चंद्रघंटा की विशेष पूजा अर्चना कर मन्नत पूरी करने की प्रार्थना की। जिले भर के देवी भक्तों के घरों में अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन पूजन के विशेष आयोजन हुए। देवी पंडालों में विराजमान देवी प्रतिमाओं के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
शनिवार को शहर, कस्बे व गांवाें में सजाए गए दुर्गा पंडालों में मां अंबे के चौथे स्वरूप चंद्रघंटा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु उमड़े। शहर के नई बाजार के रेलवे फाटक, स्टेशन के सामने, सदर रोड व शंकर बाजार में भव्य झांकी सजाई गई है।
चित्रकूट। जिले के मानिकपुर, पहाड़ी, भरतकूप, राजापुर शिवरामपुर, खोही, मऊ, भौंरी प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में भी माता देवी के आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। बसिला गांव में इस साल माता अंबे की भव्य झांकी के पास खास आयोजन चल रहा है। रात भर भक्त देवी गीत गाते हैं। ग्राम प्रधान रामप्रताप,सोनू, पांडेय,राजेश दादुराम आदि ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं।
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चित्रकूट। शहर के शंकर बाजार, पुरानी बाजार सहित जिले के अन्य कालीदेवी मंदिरों में महिलाओं और पुरुषों ने जलाभिषेक के साथ नारियल, चुनरी, बताशा, फूल माता काली को चढ़ाया। कई स्थानों पर कन्याओं को प्रसाद के रूप में हलुआ-पूड़ी व मिठाई बांटी।
शांतिदायक और कल्याणकारी
चित्रकूट। भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास ने बताया कि मां दुर्गा के तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। इनका स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्थचंद्र है। इसी कारण इस देवी का नाम चंद्रघंटा पड़ा गया। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनका वाहन सिंह है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनका वाहन सिंह है।
शनिवार को शहर, कस्बे व गांवाें में सजाए गए दुर्गा पंडालों में मां अंबे के चौथे स्वरूप चंद्रघंटा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु उमड़े। शहर के नई बाजार के रेलवे फाटक, स्टेशन के सामने, सदर रोड व शंकर बाजार में भव्य झांकी सजाई गई है।
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चित्रकूट। जिले के मानिकपुर, पहाड़ी, भरतकूप, राजापुर शिवरामपुर, खोही, मऊ, भौंरी प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में भी माता देवी के आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। बसिला गांव में इस साल माता अंबे की भव्य झांकी के पास खास आयोजन चल रहा है। रात भर भक्त देवी गीत गाते हैं। ग्राम प्रधान रामप्रताप,सोनू, पांडेय,राजेश दादुराम आदि ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं।
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चित्रकूट। शहर के शंकर बाजार, पुरानी बाजार सहित जिले के अन्य कालीदेवी मंदिरों में महिलाओं और पुरुषों ने जलाभिषेक के साथ नारियल, चुनरी, बताशा, फूल माता काली को चढ़ाया। कई स्थानों पर कन्याओं को प्रसाद के रूप में हलुआ-पूड़ी व मिठाई बांटी।
शांतिदायक और कल्याणकारी
चित्रकूट। भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास ने बताया कि मां दुर्गा के तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। इनका स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्थचंद्र है। इसी कारण इस देवी का नाम चंद्रघंटा पड़ा गया। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनका वाहन सिंह है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनका वाहन सिंह है।