{"_id":"617847d96bfb9622f165b391","slug":"action-chitrakoot-news-knp6605754159","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल जीवन मिशन योजना के काम में लापरवाही कार्रदाई संस्था को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल जीवन मिशन योजना के काम में लापरवाही कार्रदाई संस्था को नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट/भौंरी। जल-जीवन मिशन योजना में निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की कार्य प्रगति धीमी मिलने पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सुनंदू सुधाकरण ने कड़ी नाराजगी जताई। इंटक वेल व ट्रीटमेंट प्लांट में लापरवाही को लेकर कार्यदायी संस्था जीवीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर व डीजीएम को नोटिस जारी किया। कई प्रस्तावित निर्माण कार्य अधूरे मिले, जिन्हें दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को निरीक्षण पर पहुंचे एडीएम को रैपुरा ग्राम समूह पेयजल परियोजना के अंतर्गत गुंता बांध में बन रहे इंटेक वेल व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में डैम का प्लेटफार्म बना मिला है। पंप हाउस एवं एयरोब्रिज का निर्माण नहीं होता मिला, इससे नाराज एडीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजर व डीजीएम को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि इस काम की कंपोनेंट की ड्राइंग अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की चहारदीवारी (रिटेनिंग वॉल) भी अभी तक नहीं बनाई गई है। स्कीम का नाम प्रोजेक्ट स्थल पर लगाए जाने के लिए कहा गया। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जल निगम के जेई, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के सुपरविजन इंजीनियर ध्रुव शुक्ला, डिप्टी टीम लीडर अभय नारायण दीक्षित आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को निरीक्षण पर पहुंचे एडीएम को रैपुरा ग्राम समूह पेयजल परियोजना के अंतर्गत गुंता बांध में बन रहे इंटेक वेल व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में डैम का प्लेटफार्म बना मिला है। पंप हाउस एवं एयरोब्रिज का निर्माण नहीं होता मिला, इससे नाराज एडीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजर व डीजीएम को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस काम की कंपोनेंट की ड्राइंग अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की चहारदीवारी (रिटेनिंग वॉल) भी अभी तक नहीं बनाई गई है। स्कीम का नाम प्रोजेक्ट स्थल पर लगाए जाने के लिए कहा गया। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान जल निगम के जेई, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के सुपरविजन इंजीनियर ध्रुव शुक्ला, डिप्टी टीम लीडर अभय नारायण दीक्षित आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन