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Chitrakoot News: मंदाकिनी में नहाते समय डूबने से श्रद्धालु की मौत
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चित्रकूट। सावन के दूसरे सोमवार को रामघाट के मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आया एक श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में नहाते समय डूब गया। काफी खोजबीन के लगभग 40 मिनट बाद श्रद्धालु का शव मिला। साथ में आए परिजन व दोस्तों ने पुलिस प्रशासन पर खोजने में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गौरीहार थाना क्षेत्र के सिसोलर गांव निवासी चरण सिंह ने बताया कि उसका बेटा देव सिंह (15) गांव के ही राजेंद्र, जय सिंह, अंकित मिश्रा, मयंक मिश्रा, महेश अहिरवार, नरेंद्र, आदित्य, हीरालाल यादव सहित कुल 29 लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्राली से चित्रकूट के भगवान कामतानाथ के दर्शन व मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए आया था।
सभी रामघाट के पास ठकुराइन धर्मशाला में रुके थे। वहां कीर्तन भजन का कार्यक्रम चल रहा था। सुबह छह बजे बेटा, मयंक, हीरालाल व जयसिंह के साथ मंदाकिनी नदी में नहाने गया था। नहाते समय बेटा गहरे पानी में चला गया। कुछ देर तक दिखाई नहीं दिया तो खोजबीन शुरु की।
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प्रशासन ने नाव व गोताखोरों की मदद से बेटे के शव को पानी से बाहर निकाला। बताया कि उसके एक भाई शिवा सिंह व मां संजना सिंह है। वह कक्षा नौ में पढ़ता था।
आदित्य ने आराेप लगाया कि डूबने के बाद सभी साथी बचाने की गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस प्रशासन ने नहीं सुनी। काफी देर तक कोई गोताखोर नदी में नहीं उतरा। इसकी वजह से देव सिंह डूब गया और मौत हो गई। बताया कि बताने के बाद तुरंत प्रशासन गोताखोरों को बुलाकर नदी में खोजते तो देव की जान बच सकती थी।
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गौरीहार थाना क्षेत्र के सिसोलर गांव निवासी चरण सिंह ने बताया कि उसका बेटा देव सिंह (15) गांव के ही राजेंद्र, जय सिंह, अंकित मिश्रा, मयंक मिश्रा, महेश अहिरवार, नरेंद्र, आदित्य, हीरालाल यादव सहित कुल 29 लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्राली से चित्रकूट के भगवान कामतानाथ के दर्शन व मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए आया था।
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सभी रामघाट के पास ठकुराइन धर्मशाला में रुके थे। वहां कीर्तन भजन का कार्यक्रम चल रहा था। सुबह छह बजे बेटा, मयंक, हीरालाल व जयसिंह के साथ मंदाकिनी नदी में नहाने गया था। नहाते समय बेटा गहरे पानी में चला गया। कुछ देर तक दिखाई नहीं दिया तो खोजबीन शुरु की।
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प्रशासन ने नाव व गोताखोरों की मदद से बेटे के शव को पानी से बाहर निकाला। बताया कि उसके एक भाई शिवा सिंह व मां संजना सिंह है। वह कक्षा नौ में पढ़ता था।
आदित्य ने आराेप लगाया कि डूबने के बाद सभी साथी बचाने की गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस प्रशासन ने नहीं सुनी। काफी देर तक कोई गोताखोर नदी में नहीं उतरा। इसकी वजह से देव सिंह डूब गया और मौत हो गई। बताया कि बताने के बाद तुरंत प्रशासन गोताखोरों को बुलाकर नदी में खोजते तो देव की जान बच सकती थी।