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पुनरीक्षण ड्यूटी : शिक्षक बोले- प्रशासनिक कामों से शिक्षण में आती है बाधा
Chitrakoot
Updated Wed, 09 Oct 2013 05:39 AM IST
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चित्रकूट। मऊ-मानिकपुर विधानसभा में चल रहे मतदाता सूची के संशोधन के लिए 284 मतदान केंद्रों पर प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों को पदाभिहित अधिकारी के रूप में तैनात किया है।
मऊ-मानिकपुर विधानसभा की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए 1 अक्तूबर से 10 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए 245 शिक्षामित्रों को बीएलओ चुना गया है। शिक्षक व शिक्षामित्र संघों के नेताओं ने विभिन्न कामों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध भी जताया है। कुछ बीएलओ ने बताया कि इसके चलते महीने भर उन्हें गांवों में घूूम कर लोगों के बीच जाना पडे़गा है। इसके चलते वह स्कूल में पूरा समय नहीं दे पाएंगे। वहीं इस दौरान तीन से चार बार मीटिंग के लिए तहसील भी बुलाया जाता है इससे भी समय का नुकसान होता है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। अगर पूरा समय विद्यालय में दिया जाएगा तो यह काम भी बाधित होगा
इनसेट -------------------
रविवार के दिन भी काम
पदाभिहित अधिकारी के रूप में तैनात सहायक अध्यापक बृजेंद्र कांत मिश्रा ने बताया कि मतदाता सूची को लोगों को दिखाना होगा। इसके तहत बीएलओ लोगों के बीच जाने का काम करते हैं रविवार के दिन मतदाता सूची के करेक्शन के काम के लिए रविवार का दिन सुनिश्चित किया गया है। उन्होेंने माना कि शिक्षामित्रों पर दोहरी जिम्मेदारी तो आ ही गई है।
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अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर देती है- शिक्षक नेता
इस मामले में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री लवलेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों और शिक्षामित्रों से प्रशासन मतदाता सूची संशोधन, आधार कार्ड आदि बनाने का काम विद्यालयों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर देती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षकों से राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अलावा और कोई काम लेने की मनाही की गई है। इसके बाद भी अधिकारियों के द्वारा ड्यूटी लगाए जाने के चलते शिक्षण कार्यों में बाधा पहुंच रही है। उन्हाेंने बताया कि अभी हाल ही में उनके विद्यालय में आधार कार्ड बनाने का काम शुरू हुआ है इससे गंाव के लोगों का जमावड़ा विद्यालय में लगने से शिक्षण के काम में बाधा पहुंचती है। वहीं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष उमादत्त मिश्रा ने बताया कि एक तो पहले से ही परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की पहले से ही कमी है। ऐसे में विभिन्न शासकीय कामों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता की भी प्रभावित होती है। ऐसे में यह काम ग्राम पंचायत व ब्लाक के कर्मचारियों के द्वारा कराया जाना चाहिए।
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मऊ-मानिकपुर विधानसभा की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए 1 अक्तूबर से 10 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए 245 शिक्षामित्रों को बीएलओ चुना गया है। शिक्षक व शिक्षामित्र संघों के नेताओं ने विभिन्न कामों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध भी जताया है। कुछ बीएलओ ने बताया कि इसके चलते महीने भर उन्हें गांवों में घूूम कर लोगों के बीच जाना पडे़गा है। इसके चलते वह स्कूल में पूरा समय नहीं दे पाएंगे। वहीं इस दौरान तीन से चार बार मीटिंग के लिए तहसील भी बुलाया जाता है इससे भी समय का नुकसान होता है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। अगर पूरा समय विद्यालय में दिया जाएगा तो यह काम भी बाधित होगा
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रविवार के दिन भी काम
पदाभिहित अधिकारी के रूप में तैनात सहायक अध्यापक बृजेंद्र कांत मिश्रा ने बताया कि मतदाता सूची को लोगों को दिखाना होगा। इसके तहत बीएलओ लोगों के बीच जाने का काम करते हैं रविवार के दिन मतदाता सूची के करेक्शन के काम के लिए रविवार का दिन सुनिश्चित किया गया है। उन्होेंने माना कि शिक्षामित्रों पर दोहरी जिम्मेदारी तो आ ही गई है।
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अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर देती है- शिक्षक नेता
इस मामले में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री लवलेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों और शिक्षामित्रों से प्रशासन मतदाता सूची संशोधन, आधार कार्ड आदि बनाने का काम विद्यालयों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर देती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षकों से राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अलावा और कोई काम लेने की मनाही की गई है। इसके बाद भी अधिकारियों के द्वारा ड्यूटी लगाए जाने के चलते शिक्षण कार्यों में बाधा पहुंच रही है। उन्हाेंने बताया कि अभी हाल ही में उनके विद्यालय में आधार कार्ड बनाने का काम शुरू हुआ है इससे गंाव के लोगों का जमावड़ा विद्यालय में लगने से शिक्षण के काम में बाधा पहुंचती है। वहीं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष उमादत्त मिश्रा ने बताया कि एक तो पहले से ही परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की पहले से ही कमी है। ऐसे में विभिन्न शासकीय कामों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता की भी प्रभावित होती है। ऐसे में यह काम ग्राम पंचायत व ब्लाक के कर्मचारियों के द्वारा कराया जाना चाहिए।