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24 घंटे के अंदर अस्पताल में तीन नवजात की मौत
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिला अस्पताल में प्रसव के बाद नवजातों की देखभाल में गड़बड़ी की शिकायतें आए दिन मिल रही हैं। 24 घंटे के अंदर कमजोर तीन नवजात की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार पहाड़ी थाना के ओरा निवासी रामनरेश की पत्नी रानी देवी को गुरुवार की शाम को बच्ची जनने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। डाक्टरों के अनुसार बच्ची कमजोर थी। उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की सुबह बच्ची की मौत हो गई।
चित्ररागोकुलपुर निवासी राजाराम ने बताया कि उसकी पत्नी देवमनी ने जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे बच्चे को जन्म दिया। इलाज में लापरवाही होने पर हालत खराब हो गई। इसके बाद उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
इसके अलावा रसिन निवासी प्रेम शंकर ने बताया कि गुरुवार की रात को उसकी पत्नी गुड़िया देवी ने बच्चे को जन्म दिया, जो कमजोर था। स्टाफ ने काफी देर तक सही इलाज नहीं किया तो हालत बिगड़ गई।
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उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। 24 घंटे के अंदर तीन नवजात की मौत होने के मामले में सीएमएस डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। तीनों मामले की जानकारी ली गई। इसमें पाया गया कि तीनों बच्चे कमजोर थे। इन्हें काफी प्रयास के बावजूद बचाया नहीं जा सका। यह जरूर है कि स्टाफ को चेताया गया है कि बच्चा कमजोर हो तो उसे तत्काल एसएनसीयू में भर्ती करने को भेजे। जिससे बच्चे की जान बचाई जा सके।
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चित्रकूट। जिला अस्पताल में प्रसव के बाद नवजातों की देखभाल में गड़बड़ी की शिकायतें आए दिन मिल रही हैं। 24 घंटे के अंदर कमजोर तीन नवजात की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार पहाड़ी थाना के ओरा निवासी रामनरेश की पत्नी रानी देवी को गुरुवार की शाम को बच्ची जनने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। डाक्टरों के अनुसार बच्ची कमजोर थी। उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की सुबह बच्ची की मौत हो गई।
चित्ररागोकुलपुर निवासी राजाराम ने बताया कि उसकी पत्नी देवमनी ने जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे बच्चे को जन्म दिया। इलाज में लापरवाही होने पर हालत खराब हो गई। इसके बाद उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
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इसके अलावा रसिन निवासी प्रेम शंकर ने बताया कि गुरुवार की रात को उसकी पत्नी गुड़िया देवी ने बच्चे को जन्म दिया, जो कमजोर था। स्टाफ ने काफी देर तक सही इलाज नहीं किया तो हालत बिगड़ गई।
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उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। 24 घंटे के अंदर तीन नवजात की मौत होने के मामले में सीएमएस डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। तीनों मामले की जानकारी ली गई। इसमें पाया गया कि तीनों बच्चे कमजोर थे। इन्हें काफी प्रयास के बावजूद बचाया नहीं जा सका। यह जरूर है कि स्टाफ को चेताया गया है कि बच्चा कमजोर हो तो उसे तत्काल एसएनसीयू में भर्ती करने को भेजे। जिससे बच्चे की जान बचाई जा सके।