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हजारों साल पूर्व की मिली आकृतियां
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:32 PM IST
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हजारों साल पूर्व की मिली आकृतियां
चट्टानों के नीचे जीवाश्म होने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। प्राचीन काल की मानव सभ्यता से जुड़े कुछ अवशेष आकृतियों के रूप में पाठा क्षेत्र के सरहट में मिलने का दावा किया गया है। जिसमें मानव जानवर घर की आकृति बताई गई है। मानव झोपड़ी समेत कई धार्मिक चिह्न भी पत्थरों पर उकेरे हैं। मानिकपुर कस्बे से सटे सरहट गांव के जंगल की चट्टानों की उपरी सतह पर बने इन चित्रों को देखकर यह हजारों वर्ष पूर्व के पूजा घर हो सकते हैं।
इस मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. डीपी दुबे ने बताया कि यह मानव सभ्यता के पांच या दस हजार साल पुराने चिह्न हो सकते हैं। यह निशान घर जैसे लगते हैं। इसके नीचे जीवाश्म भी होने की संभावना है। शोधार्थी अनुज हनुमत ने बताया कि इसकी जानकारी इतिहासकाराें को दी गई है। संभावना है कि एक सप्ताह के अंदर उनकी टीम यहां आकर इन चित्रों व स्थानों पर पड़ताल करेगी।
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चट्टानों के नीचे जीवाश्म होने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। प्राचीन काल की मानव सभ्यता से जुड़े कुछ अवशेष आकृतियों के रूप में पाठा क्षेत्र के सरहट में मिलने का दावा किया गया है। जिसमें मानव जानवर घर की आकृति बताई गई है। मानव झोपड़ी समेत कई धार्मिक चिह्न भी पत्थरों पर उकेरे हैं। मानिकपुर कस्बे से सटे सरहट गांव के जंगल की चट्टानों की उपरी सतह पर बने इन चित्रों को देखकर यह हजारों वर्ष पूर्व के पूजा घर हो सकते हैं।
इस मामले में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. डीपी दुबे ने बताया कि यह मानव सभ्यता के पांच या दस हजार साल पुराने चिह्न हो सकते हैं। यह निशान घर जैसे लगते हैं। इसके नीचे जीवाश्म भी होने की संभावना है। शोधार्थी अनुज हनुमत ने बताया कि इसकी जानकारी इतिहासकाराें को दी गई है। संभावना है कि एक सप्ताह के अंदर उनकी टीम यहां आकर इन चित्रों व स्थानों पर पड़ताल करेगी।
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