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सेतु निगम इकाई दूसरे जिले से संचालित करने का विरोध
Updated Tue, 04 Sep 2018 10:53 PM IST
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सेतु निगम इकाई बंद करने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। सेतु निर्माण इकाई चित्रकूट को बंद कर बांदा जिले से संचालित करने का जिले के बाशिंदों ने विरोध किया। मऊ कस्बावासियों ने सांसद को भेजे पत्र में कहा कि सेतु इकाई दूसरे जिले में जाने से बन रहे पुल के निर्माण में बाधा आ जाएगी।
मऊ कस्बा निवासी उत्कर्ष निषाद, राजेंद्र, मनोज, हरी सिंह, बसंत, सुरेंद्र, संदीप भारद्वाज, अजय कुमार, अनिल मिश्रा, रामसेवक आदि ने बताया है कि मऊ क्षेत्र के यमुना नदी में पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा 15 सेतु बनने के लिए प्रस्तावित हैं। जिसमें बागेन नदी सेतु भदावल, यमुना नदी सेतु चिल्लीमल, पैश्वनी सेतु तरौहा गोबिरया मार्ग, पैश्वनी सेतु सूरजकुंड, पैश्वनी नदी सतु मकरी, पहरा, पेश्वनी नदी भानपुर कलवारा, बाल्मीकि नदी सेतु मुहरवा, व चनहट, सगवारा, टेरा कलवलिया, सखौंहा नाला सेतु, बरदहा नदी सेतु चमरहौ सकरौहा, बरूवा रूपौली मार्ग नदी गुंता नदी में पुलों का निर्माण होना है। इस मामले में सांसद भैराें प्रसाद मिश्र ने भी प्रबंधक निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सेतु को पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि सेतु निर्माण इकाई को चित्रकूट दूसरे जिले में संचालित करने से विकास कार्य में बाधा आएगी। जिसको देखते इसी जिले में इसको रहने दिया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। सेतु निर्माण इकाई चित्रकूट को बंद कर बांदा जिले से संचालित करने का जिले के बाशिंदों ने विरोध किया। मऊ कस्बावासियों ने सांसद को भेजे पत्र में कहा कि सेतु इकाई दूसरे जिले में जाने से बन रहे पुल के निर्माण में बाधा आ जाएगी।
मऊ कस्बा निवासी उत्कर्ष निषाद, राजेंद्र, मनोज, हरी सिंह, बसंत, सुरेंद्र, संदीप भारद्वाज, अजय कुमार, अनिल मिश्रा, रामसेवक आदि ने बताया है कि मऊ क्षेत्र के यमुना नदी में पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा 15 सेतु बनने के लिए प्रस्तावित हैं। जिसमें बागेन नदी सेतु भदावल, यमुना नदी सेतु चिल्लीमल, पैश्वनी सेतु तरौहा गोबिरया मार्ग, पैश्वनी सेतु सूरजकुंड, पैश्वनी नदी सतु मकरी, पहरा, पेश्वनी नदी भानपुर कलवारा, बाल्मीकि नदी सेतु मुहरवा, व चनहट, सगवारा, टेरा कलवलिया, सखौंहा नाला सेतु, बरदहा नदी सेतु चमरहौ सकरौहा, बरूवा रूपौली मार्ग नदी गुंता नदी में पुलों का निर्माण होना है। इस मामले में सांसद भैराें प्रसाद मिश्र ने भी प्रबंधक निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सेतु को पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि सेतु निर्माण इकाई को चित्रकूट दूसरे जिले में संचालित करने से विकास कार्य में बाधा आएगी। जिसको देखते इसी जिले में इसको रहने दिया जाए।
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