फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   child donate his eyes

एक दिन के बच्चे ने की आंखें दान!

Tue, 24 Dec 2013 08:05 AM IST
अमर उजाला, वाराण्ासी
अमर उजाला, वाराण्ासी Updated Tue, 24 Dec 2013 08:05 AM IST
विज्ञापन
child donate his eyes

श्रीराम लक्ष्मीनारायण मारवाड़ी अस्पताल में जन्मे अद्भुत नामक बालक ने महज 30 घंटे में अपनी आयु पूरी कर ली। इतनी बड़ी विपत्ति के बावजूद उसके पिता ने धैर्य नहीं छोड़ा और सोमवार को नेत्रदान कराकर नई मिसाल कायम की।

विज्ञापन


दुनिया में न रहते हुए भी उनके बालक की आंखों से दो बच्चों की जिंदगी रोशन हो सकेगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईबैंक के चिकित्सकों का दावा है कि इतनी कम उम्र में दुनिया में किसी ने नेत्रदान नहीं किया है।
विज्ञापन


शिवपुर के रहने वाले आशीष कुमार की पत्नी अनुराधा ने शनिवार को मारवाड़ी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया।

परिवार वालों ने प्यार से इस नवजात शिशु का नाम अद्भुत रखा था। सोमवार की सुबह 4:45 बजे इस परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा जब अद्भुत की मौत हो गई। परिवार में रोना-पीटना मच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आशीष ने ऐसी हालत में भी धैर्य नहीं छोड़ा और बच्चे को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भवन पहुंचे। वहां आईबैंक के संयोजक डा. अनुराग टंडन की देखरेख में डा. शेखर और संदीप ने कार्निया (काली पुतली) निकाल कर नेत्रदान कराया। आशीष मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के शिक्षण कार्य करते हैं।

डा. टंडन ने बताया कि शिशुओं की कार्निया का व्यास 10-11 एमएम होता है, जबकि बड़ों की कार्निया 13-14 एमएम व्यास की होती है। ऐसे में शिशु से प्राप्त दोनों कार्निया का प्रत्यारोपण एक साल की उम्र तक के बच्चे में किया सकता है। दोनों कार्निया को आईएमएस बीएचयू के नेत्ररोग विभाग को सौंप दिया जाएगा, ताकि 96 घंटे के भीतर प्रतीक्षारत नेत्रपीड़ितों में उन्हें प्रत्यारोपित किया जा सके।


किसी के निधन के बाद छह घंटे के भीतर कार्निया मीडिया में डालने केबाद उसे 96 घंटे तक संरक्षित किया जा सकता है। बीएचयू के नेत्ररोग विभाग के डा. अभिषेक चंद्रा ने बताया कि महज 30 घंटे के बच्चे के नेत्रदान से विश्व कीर्तिमान स्थापित हुआ है। इससे पहले मुंबई में सितंबर 2011 में धीमान शाह के 32 घंटे के बच्चे का नेत्रदान कराया गया था। आईएमए के अध्यक्ष डा. पीके तिवारी, सचिव डा. अशोक कुमार राय ने परिजनों के प्रयास की सराहना की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed