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Chandauli News: बांस-बल्ली के पुल से स्कूल आते-जाते हैं नौनिहाल

Fri, 07 Aug 2026 01:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:29 AM IST
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Young children commute to and from school using a bridge made of bamboo poles.
खोर गांव में बांस बल्ली के सहारे बने पुल से स्कूल जाते बच्चे। संवाद
पीडीडीयू नगर/कंदवा। खोर गांव की बिंद बस्ती के नौनिहालों के लिए शिक्षा की राह आसान नहीं है। यहां के बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लेहरा-मनेहरा ड्रेन पर बांस-बल्ली के सहारे बने जर्जर पुल से गुजरना पड़ता है। पुल पर रेलिंग नहीं होने और बरसात में फिसलन बढ़ने से हादसे का डर सताता रहता है। इसके बावजूद डेढ़ से दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने से बचने के लिए बच्चे इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि लेहरा-मनेहरा ड्रेन पर पुल नहीं होने के कारण बिंद बस्ती के लोग अस्थायी पुल के सहारे आवागमन कर रहे हैं। बरसात के मौसम में ड्रेन का जलस्तर बढ़ने और पुल की लकड़ियों पर फिसलन बढ़ने से दुर्घटना का डर बना रहता है। अभिभावकों को बच्चों के स्कूल से लौटने तक चिंता सताती रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार पक्का पुल बनाने की मांग की गई लेकिन किसी ने ठोस पहल नहीं की। उनका कहना है कि यदि पक्का पुल बन जाए तो न केवल स्कूली बच्चों, बल्कि पूरे गांव के लोगों सहूलियत होगी।
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ग्रामीण बोले.......

बरसात में बांस के पुल फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों के स्कूल से घर लौटने तक चिंता सताती रहती है। कई बार पक्का पुल बनवाने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। - बृजमोहन बिंद, खोर डहिया।
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डेढ़-दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना छोटे बच्चों के लिए कठिन है। इसलिए विवशता में इसी अस्थायी पुल से स्कूल आते-जाते हैं। प्रशासन को पक्के पुल पुल का निर्माण कराना चाहिए। - यशवंत सिंह, खोर।

यह पुल केवल स्कूली बच्चों के लिए नहीं, ड्रेन से सटी बिंद बस्ती के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है। किसी हादसे का इंतजार करने से बेहतर है कि पक्के पुल का निर्माण कराया जाए। - ज्ञानचंद्र, कादिराबाद।

बरसात में ड्रेन का पानी बढ़ने पर बच्चों की सुरक्षा की चिंता बढ़ जाती है। रोज उन्हें इस पुल से गुजरते देख डर लगता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए पक्का पुल बेहद जरूरी है। - अर्जुन बिंद, खोर डहिया।


कोट......

खोर गांव में लेहरा-मनेहरा ड्रेन पर पुल के लिए अभी तक किसी ने प्रस्ताव नहीं भेजा। यदि ग्रामीण मांग करते हैं तो विभाग के इंजीनियरों को भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद पुल के निर्माण पर विचार किया जा सकता है। - राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड, चंदौली।
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