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मौसम बदलने के साथ ही बढ़ी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या

Tue, 23 Nov 2021 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 12:42 AM IST
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With the change of season, the number of patients of viral fever increased
कंदवा। मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही अस्पतालों में वायरल फीवर, दर्द, खुजली और दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में ये मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह मौसम में तेजी से हो रहे परिवर्तन के कारण हो रहा है। चिकित्सक मरीजों को इलाज के साथ बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतनी की सलाह दे रहे हैं।
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क्षेत्र के पीएचसी बरहनी, पई, अमड़ा, ओयरचक और आयुर्वेदिक अस्पताल कम्हरिया एंव चिरईगांव में खासतौर से बुखार, खांसी, जुकाम, गले का दर्द, खुजली और दस्त से पीड़ित आदि के मरीज पहुंच रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी, पई, अमड़ा, ओयरचक और आयुर्वेदिक अस्पताल कम्हरिया और चिरईगांव में आने वाले मरीजों में हर दस में से छह मरीज वायरल फीवर, सर्दी जुखाम से पीड़ित हैं। पीएचसी बरहनी से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो एक से 22 नवंबर तक कुल 495 मरीज इलाज के लिए आए। इनमें से ज्यादातर वायरल फीवर, सर्दी जुकाम, जोड़ों के दर्द, खुजली और दस्त के मरीज थे। सोमवार को अस्पताल पहुंची कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बरहनी की कई छात्राएं भी वायरल फीवर, दर्द, सर्दी जुखाम से पीड़ित थीं। चिकित्सक इस तरह के मामले बढ़ने के पीछे बदलते मौसम को जिम्मेदार मान रहे हैं। क्टरों के अनुसार जब भी मौसम बदलता है तब तापमान के उतार चढ़ाव के कारण इम्युनिटी सिस्टम थोड़ा कमजोर हो जाता है। इसके कारण शरीर वायरस से जल्दी संक्रमित हो जाता है। इस दौरान लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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पीडीडीयू नगर। प्रभारी चिकित्साधिकारी बरहनी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि वायरल के मरीज स्वयं कुछ सामान्य एहतियात बरत कर इन मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं। लोगों को खाली पेट घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। खाली पेट शरीर को कमजोर करता है। मौसम के हिसाब से कपड़े पहने चाहिए और मौसम के हिसाब से ही लोगों को आहार लेना चाहिए। लोगों को मौसमी फल व सब्जियां भी जरूर खानी चाहिए। बासी खाना और कटे फटे फल आदि नहीं खाना चाहिए। इस मौसम में फ्रीज का पानी पीने से और आइसक्रीम या ज्यादा ठंढी चीजें खाने से भी परहेज करना चाहिए।
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