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Chandauli News: मूसाखाड़ बांध के 5 फाटक खोल कर छोड़ा गया पानी
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चकिया के मूसाखाड बांध के पांच गेट से डिस्चार्ज होता पानी। संवाद
चकिया/शिकारगंज। क्षेत्र में लगातार बारिश से बांध लबालब भर गए हैं। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांधों से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। मूसाखाड़ बांध के पांच फाटक खोल कर 7260 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, लतीफशाह बीयर से 2800 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में बहाया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार मूसाखाड़ बांध में 355 फीट जलस्तर बनाए रखने के लिए पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बांध के पांच फाटकों को दो इंच ऊंचा खोलकर 7260 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कराया जा रहा है।
इसके अलावा लतीफशाह बीयर से सवा दो फीट ऊंचाई से 2800 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी के तेज बहाव को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध और नदी के समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
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लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इधर मूसाखाड़ बांध के गेटों से निकलता पानी और लतीफशाह बीयर से गिरता जलप्रवाह पर्यटकों और सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश को देखते हुए बांध में निर्धारित जलस्तर बनाए रखने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग सतर्क रहें और जल स्रोतों के आस-पास जाने से परहेज करें।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार मूसाखाड़ बांध में 355 फीट जलस्तर बनाए रखने के लिए पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बांध के पांच फाटकों को दो इंच ऊंचा खोलकर 7260 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कराया जा रहा है।
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इसके अलावा लतीफशाह बीयर से सवा दो फीट ऊंचाई से 2800 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी के तेज बहाव को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध और नदी के समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
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लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इधर मूसाखाड़ बांध के गेटों से निकलता पानी और लतीफशाह बीयर से गिरता जलप्रवाह पर्यटकों और सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश को देखते हुए बांध में निर्धारित जलस्तर बनाए रखने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग सतर्क रहें और जल स्रोतों के आस-पास जाने से परहेज करें।