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अपशिष्ट प्रबंधन से संक्रामक रोगों की होगी रोकथाम:डीपीआरओ
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नियामताबाद। जिला पंचायत संसाधन केंद्र में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज दो के तहत ओडीएफ प्लस, ठोस, तरल व अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना के तहत चयनित रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों का जिला स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को समाप्त हुआ। अंतिम दिन के प्रशिक्षण का शुभारंभ डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। अंतिम दिन नियामताबाद, नौगढ़ व सकलडीहा के 69 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया।
डीपीआरओ ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत द्वितीय फेज में गांवों में भी डोर टू डोर कूड़ा उठान व गांव में उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट पदार्थों का समुचित प्रबंधन किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा सके। कहा कि स्वच्छता के प्रति हर नागरिक के जागरूक होने से ही यह अभियान सार्थक होगा। वहीं जिला सलाहकार अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन, धातुओं, कागज, कपड़े, थर्माकोल आदि को कंटेनर के माध्यम से एक जगह पर एकत्र किया जाएगा। सफाईकर्मी गांवों में डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करेंगे जिसे एक निश्चित स्थान पर रखे कंटेनर में डालेंगे। वहीं घरों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों आदि से निकलने वाले अपशिष्ट जल के लिए नाली, सोखता गड्ढा आदि का निर्माण किया जाएगा। इनके माध्यम से उपचारित जल का प्रयोग पीने के अलावा सिंचाई व धुलाई आदि कार्यों में किया जाएगा। उक्त अभियान में सफाईकर्मी निरंतर सफाई करेंगे। साथ ही सचिव व एडीओ पंचायत लगातार निगरानी करेंगे। पूरी प्रक्रिया शासन के पोर्टल पर अपडेट होगी। इस मौके पर अश्वनी कुमार, मनोज श्रीवास्तव, ब्रजेश सिंह, बजरंगी पांडेय, प्रेमचंद रहे।
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डीपीआरओ ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत द्वितीय फेज में गांवों में भी डोर टू डोर कूड़ा उठान व गांव में उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट पदार्थों का समुचित प्रबंधन किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा सके। कहा कि स्वच्छता के प्रति हर नागरिक के जागरूक होने से ही यह अभियान सार्थक होगा। वहीं जिला सलाहकार अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन, धातुओं, कागज, कपड़े, थर्माकोल आदि को कंटेनर के माध्यम से एक जगह पर एकत्र किया जाएगा। सफाईकर्मी गांवों में डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करेंगे जिसे एक निश्चित स्थान पर रखे कंटेनर में डालेंगे। वहीं घरों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों आदि से निकलने वाले अपशिष्ट जल के लिए नाली, सोखता गड्ढा आदि का निर्माण किया जाएगा। इनके माध्यम से उपचारित जल का प्रयोग पीने के अलावा सिंचाई व धुलाई आदि कार्यों में किया जाएगा। उक्त अभियान में सफाईकर्मी निरंतर सफाई करेंगे। साथ ही सचिव व एडीओ पंचायत लगातार निगरानी करेंगे। पूरी प्रक्रिया शासन के पोर्टल पर अपडेट होगी। इस मौके पर अश्वनी कुमार, मनोज श्रीवास्तव, ब्रजेश सिंह, बजरंगी पांडेय, प्रेमचंद रहे।
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