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Chandauli News: नवजात की मौत पर हंगामा
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जिला अस्पताल में धरना देते मृतक के परिजन। स्रोत:-जागरूक पाठक
पीडीडीयू नगर। जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृत्व शिशु अस्पताल में शनिवार को नवही गांव के लोगों ने हंगामा किया। ग्रामीणों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया।
उनका आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सीएमओ डॉ. वाई.के. राय ने ग्रामीणों को शांत कराया और जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के नवही गांव की निकिता को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर प्रसव कराया। इसके बाद नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई।
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घटना की जानकारी होते ही प्रसूता के परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। नवही गांव के अनीश यादव ने आरोप लगाया कि डॉक्टर जान बचाने की जगह मरीजों को वाराणसी रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में इस तरह की लापरवाही से तीन लोगों की जान जा चुकी है।
इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी डॉ. के.सी. सिंह ने बताया कि नवजात के शरीर में हीमोग्लोबिन कम था, इसलिए रेफर किया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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उनका आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सीएमओ डॉ. वाई.के. राय ने ग्रामीणों को शांत कराया और जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के नवही गांव की निकिता को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर प्रसव कराया। इसके बाद नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई।
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घटना की जानकारी होते ही प्रसूता के परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। नवही गांव के अनीश यादव ने आरोप लगाया कि डॉक्टर जान बचाने की जगह मरीजों को वाराणसी रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में इस तरह की लापरवाही से तीन लोगों की जान जा चुकी है।
इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी डॉ. के.सी. सिंह ने बताया कि नवजात के शरीर में हीमोग्लोबिन कम था, इसलिए रेफर किया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।