फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   two married gave lives

दो विवाहिताओं ने दी जान

Fri, 05 Jun 2015 01:50 AM IST
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 05 Jun 2015 01:50 AM IST
विज्ञापन
 two married gave lives
जनपद में दो अलग-अलग जगहों पर बुधवार की देर रात दो युवतियों ने अज्ञात कारणों से पंखे से झूलकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
विज्ञापन


पहली घटना मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के दुलहीपुर बाजार की है। जहां विवाहिता शहजादी  30 वर्ष कमरे में लगे पंखे से अपने दुपट्टे को फांसी का फंदा बनाकर झूल गई। वहीं दूसरी घटना बलुआ थाना क्षेत्र के नैढ़ी गांव की है जहां विवाहिता बबिता ने गमछे को फांसी का फंदा बना पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। दोनों मामलों मे पुलिस मामले की तफ्शीश कर रही है।


दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार  मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के दुलहीपुर बाजार में बुधवार की रात्रि 30  वर्षीया विवाहिता शहजादी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर  ली। गुरुवार की सुबह जानकारी होने पर परिवार में हाहाकार मच गया।

जानकारी  होते ही मायके पक्ष के लोग वहां पहुंच गए और पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके  पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारा और पंचायतनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए  जिला चिकित्सालय भेज दिया।
बिहार के  औरंगाबाद निवासी नसीम पिछले 15 वर्षों से दुलहीपुर में रहकर मजदूरी का काम  करता है। करीब दस वर्ष पूर्व उसने दुलहीपुर के घसीट की पुत्री शहजादी उर्फ  गुड़िया से निकाह कर लिया। बुधवार को  नसीम किसी काम से औरंगाबाद गया हुआ था।

आसपास के लोगों के अनुसार रात में  खाना खाने के बाद शहजादी बच्चों को छत पर सुलाकर अपने नीचे चली आई और कमरे  में लगे पंखे के हुक से दुपट्टे का फंदा लगाकर इहलीला समाप्त करली। गुरुवार  की सुबह मां को फंदे से लटका देखकर बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। बच्चों की  आवाज सुनकर आसपास और उनके नाना मौके पर पहुंच गए और पुलिस को इसकी सूचना  दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की।


बलुआ थाना क्षेत्र के नैढ़ी गाव निवासिनी बबिता पुत्री रामराज की शादी अजित पुत्र सुबेदार के साथ दिसम्बर 2012 में हुई थी। 22फरवरी 2014 बबिता के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवा दिया जो न्यायालय में विचाराधीन पड़ा हुआ है ।


तब से बबिता अपने मायके में ही रह रही थी। बृहस्पतिवार को लगभग 11बजे दिन में परिवार के लोगों को खाना बनाकर खिला पिलाकर बबिता कमरे में गई और गमछे के सहारे झूलकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली । भाई शिवाद जब खाना कुछ देर बाद कमरा बंद था। जब कोई आवाज बाहर नहीं आई। तो परिवारवालों ने दरवाजा तोड़ कर शव को बाहर निकला और पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed