{"_id":"622267c76f3f79599e774d40","slug":"transfer-theft-including-trolley-from-between-two-police-posts-chandauli-news-vns641622477","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो पुलिस चौकी, एक पिकेट के बीच से ट्राली सहित ट्रांसफर ले गए चोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो पुलिस चौकी, एक पिकेट के बीच से ट्राली सहित ट्रांसफर ले गए चोर
विज्ञापन
पड़ाव। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के पं. दीनदयाल उपाध्याय संग्रहालय के समीप खड़े ट्राली समेत ट्रांसफार्मर को चोरों ने पार कर दिया। चंदौली और वाराणसी जिले के दो चौकी सूजाबाद और जलीलपुर के साथ पड़ाव चौराहे पर स्थित पुलिस पिकेट के बीच से 13 लाख से ज्यादा कीमत के चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर, तार और अन्य सामान लेकर बृहस्पतिवार की रात चोर फरार हो गए और पुलिस को कुछ पता ही नहीं चला। शुक्रवार की सुबह जब इसकी जानकारी बिजली विभाग को हुई तो उनके होश उड़ गए। बिजली विभाग की ओर से मिली तहरीर के आधार पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि ट्रांसफार्मर चोरी की पूरी घटना सीसी कैमरे में कैद हो गई है।
पड़ाव स्थित पं. दीनदयालय उपाध्याय स्मृति स्थल के बगल में बिजली विभाग का कम्पलेन और कलेक्शन सेंटर है। जिसके सामने ट्रोल पर चार सौ केवीए का मोबाइल ट्रांसफार्मर रखा गया था। क्षेत्र के ट्रांसफार्मर खराब होने पर इसे लगाया जाता था। बृहस्पतिवार की रात 11:46 बजे एक मैजिक आई उसमें से निकले दो लोगों ने ट्रांसफार्मर का कनडक्टर और तार का मोटा बंडल उठा कर ले गए। इस समय दोनों चौकी पर और पड़ाव चौराहे पर 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके बाद रात 1:26 बजे एक सफेद पिकअप आई। ट्रांसफार्मर की ट्राली को रस्सी से बांधकर सूजाबाद चौकी फिर पड़ाव पुलिस पिकेट और जलीलपुर चौकी होते हुए रामनगर की तरफ चले गए। शुक्रवार की सुबह जब इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को हुई तो उनके होश उड़ हो गये। बाद में विभाग के जेई ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बिजली विभाग की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस आस-पास क्षेत्रों के सीसी कैमरे को खंगालने में जुटी रही। इस संबंध में विद्युत विभाग के एक्सईएन प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पुलिस को ट्रांसफार्मर चोरी के बाबत तहरीर दे दी गई है। वहीं मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश तिवारी बताया कि बिजली विभाग की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
पड़ाव। स्थानीय चौराहा काफी महत्वपूूर्ण है। चंदौली और वाराणसी को जोड़ने वाले के साथ ही दो बड़े रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला यह प्रमुख चौराहा है। यहां चार सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं पर वे छह महीने से ज्यादा समय से खराब हैं। इसकी खबर अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित भी की पर पुलिस अधिकारियों के कान में जूं नहीं रेंगा। अगर ये कैमरे सही होते तो ट्रांसफार्मर ले जाने वाले वाहन का नंबर और चोर साफ-साफ दिखाई देते। बिजली विभाग के कलेक्शन सेंटर के बाहर लगे कैमरे की क्षमता काफी कम है। उसमें तस्वीर धुंधली होने से गाड़ी का नंबर और चोरों के चेहरे नहीं दिख पा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पड़ाव स्थित पं. दीनदयालय उपाध्याय स्मृति स्थल के बगल में बिजली विभाग का कम्पलेन और कलेक्शन सेंटर है। जिसके सामने ट्रोल पर चार सौ केवीए का मोबाइल ट्रांसफार्मर रखा गया था। क्षेत्र के ट्रांसफार्मर खराब होने पर इसे लगाया जाता था। बृहस्पतिवार की रात 11:46 बजे एक मैजिक आई उसमें से निकले दो लोगों ने ट्रांसफार्मर का कनडक्टर और तार का मोटा बंडल उठा कर ले गए। इस समय दोनों चौकी पर और पड़ाव चौराहे पर 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके बाद रात 1:26 बजे एक सफेद पिकअप आई। ट्रांसफार्मर की ट्राली को रस्सी से बांधकर सूजाबाद चौकी फिर पड़ाव पुलिस पिकेट और जलीलपुर चौकी होते हुए रामनगर की तरफ चले गए। शुक्रवार की सुबह जब इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को हुई तो उनके होश उड़ हो गये। बाद में विभाग के जेई ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बिजली विभाग की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस आस-पास क्षेत्रों के सीसी कैमरे को खंगालने में जुटी रही। इस संबंध में विद्युत विभाग के एक्सईएन प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पुलिस को ट्रांसफार्मर चोरी के बाबत तहरीर दे दी गई है। वहीं मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश तिवारी बताया कि बिजली विभाग की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
पड़ाव। स्थानीय चौराहा काफी महत्वपूूर्ण है। चंदौली और वाराणसी को जोड़ने वाले के साथ ही दो बड़े रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला यह प्रमुख चौराहा है। यहां चार सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं पर वे छह महीने से ज्यादा समय से खराब हैं। इसकी खबर अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित भी की पर पुलिस अधिकारियों के कान में जूं नहीं रेंगा। अगर ये कैमरे सही होते तो ट्रांसफार्मर ले जाने वाले वाहन का नंबर और चोर साफ-साफ दिखाई देते। बिजली विभाग के कलेक्शन सेंटर के बाहर लगे कैमरे की क्षमता काफी कम है। उसमें तस्वीर धुंधली होने से गाड़ी का नंबर और चोरों के चेहरे नहीं दिख पा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन