पीडीडीयू-गया रेल रूट पर 160 किमी की स्पीड से दौड़ेंगी ट्रेनें, पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन को भेजा पत्र, जल्द होगा निर्णय
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेल रूट पर अगले ढाई साल में यानी करीब जून 2023 तक यात्री ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत अलग क्वालिटी के ट्रैक बिछाने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। यह बातें मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। वर्चुअल प्रेस मीटिंग में डीआरएम ने कहा कि मंडल में चल रहे निर्माण कार्य और सुविधाओं के विस्तार से रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
डीआरएम ने बताया कि वर्तमान में गया रूट की तीनों लाइन पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ रही हैं। माल ढुलाई में भी रेलवे ने अच्छी प्रगति की है। लगातार सुधार प्रक्रिया के चलते नवंबर माह में मालगाड़ियां औसत 52.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।
बरवाडीह सेक्शन में भी तीसरी लाइन बिछाई जा रही है। इसके पूरा होने के बाद इस रूट पर भी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और मालगाड़ी भी फर्राटा भरेगी। मंडल में सिग्नल व्यवस्था को लगातार दुरुस्त किया जा रहा है। पीडीडीयू रूट रिले इंटरलाकिंग (आरआरआई) को बदला जा रहा है। नए भवन में आरआरआई को शिफ्ट किए जाने के बाद माल गाड़ियों का संचालन और व्यवस्थित हो जाएगा।
31 मार्च तक पूरा हो जाएगा मेमू शेड का निर्माण
मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गया में 100 करोड़ की लागत से चल रहा मेमू शेड का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा इस सेट की क्षमता ट्रेनों के 20 कोच को एक साथ ठीक करने की होगी। शेड में मंडल सहित अन्य मंडलों में चलने वाली मेमू ट्रेनों का रखरखाव करने और गड़बड़ियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
पैसेंजर ट्रेनों के संचालन पर कहा कि मंडल से चलने वाली सभी गाड़ियों को संचालित करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। जल्द ही ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। पैसेंजर ट्रेनें चलाने की भी तैयारी है। रेलवे बोर्ड के आदेश का इंतजार है। निजी ट्रेनों के संचालन पर कहा कि फिलहाल गया से आनंद बिहार के लिए एक ट्रेन प्रस्तावित है।