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Chandauli News: जिला संयुक्त चिकित्सालय में 15 वर्षों से नहीं हैं कार्डियोलॉजिस्ट
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चकिया संयुक्त चिकित्सालय। संवाद
चकिया /शिकारगंज। ठंड का मौसम शुरू होते ही हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में तेजी आ जाती है लेकिन जिला संयुक्त चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति चिंता बढ़ती है। पिछले 15 वर्षों से जिला संयुक्त चिकित्सालय में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं हैं जबकि पद है। हर रोज एक से दो दिल के गंभीर मरीजों को रेफर कर दिए जाते हैं।
जिला संयुक्त चिकित्सालय का शिलान्यास 7 मई 2001 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रहे रमापति शास्त्री ने किया था। 3 फरवरी 2009 को इस अस्पताल का लोकार्पण तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा के किया था। शिलान्यास से लगभग 15 वर्ष बाद भी कोई कार्डियोलॉजिस्ट तैनात नहीं किया गया है। अस्पताल में एक ओर खून जांच की सुविधा मौजूद है लेकिन गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक इको टेस्ट या हृदय सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मरीजों को मजबूरी में प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रेफर करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र शिकारगंज के मुड़हुआ दक्षिणी और रामपुर कला गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पहुंचने वाले हार्ड मरीजों को जिला संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया जाता है। मुड़हुआ दक्षिणी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार, रामपुर कला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार वर्मा ने बताया कि हृदय रोग से संबंधित पहुंचने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें जिला संयुक्त चिकित्सालय भेजा जाता है। जहां से उन्हें तुरंत बीएचयू के लिए रेफर कर दिया जाता है। फिलहाल हृदय रोगियों का प्राथमिक उपचार फिजिशियन द्वारा किया जाता है, और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीएचयू के लिए रेफर कर दिया जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार शासन से मांग की जा रही है।
डॉ. आरबी सिंह, सीएमएस, जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया
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जिला संयुक्त चिकित्सालय का शिलान्यास 7 मई 2001 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रहे रमापति शास्त्री ने किया था। 3 फरवरी 2009 को इस अस्पताल का लोकार्पण तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा के किया था। शिलान्यास से लगभग 15 वर्ष बाद भी कोई कार्डियोलॉजिस्ट तैनात नहीं किया गया है। अस्पताल में एक ओर खून जांच की सुविधा मौजूद है लेकिन गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक इको टेस्ट या हृदय सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मरीजों को मजबूरी में प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रेफर करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र शिकारगंज के मुड़हुआ दक्षिणी और रामपुर कला गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पहुंचने वाले हार्ड मरीजों को जिला संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया जाता है। मुड़हुआ दक्षिणी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार, रामपुर कला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार वर्मा ने बताया कि हृदय रोग से संबंधित पहुंचने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें जिला संयुक्त चिकित्सालय भेजा जाता है। जहां से उन्हें तुरंत बीएचयू के लिए रेफर कर दिया जाता है। फिलहाल हृदय रोगियों का प्राथमिक उपचार फिजिशियन द्वारा किया जाता है, और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीएचयू के लिए रेफर कर दिया जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार शासन से मांग की जा रही है।
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डॉ. आरबी सिंह, सीएमएस, जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया