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Chandauli News: दुकान का ताला तोड़ कर हुई कोडीन युक्त कफ सिरप की जांच
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पड़ाव। मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत पड़ाव -पीडीडीयू नगर मार्ग पर शनिवार की शाम बंद पड़े दुकान का ताला तोड़कर कोडीन युक्त सिरप की जांच की गई। इसको लेकर इलाके में चर्चा रही।
कफ सिरप के अवैध कारोबार पर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार की शाम गठित जांच दल ने पड़ाव चौराहे पर स्थित आकाश प्लाजा कटरा में वर्ष 2022 में पंजीकृत समृद्धि इंटरप्राइजेज नामक दवा फर्म की जांच की। यह फर्म अंजलि रानी कसेरा, पत्नी प्रशांत कुमार, निवासी हबीबपुर (वाराणसी) के नाम से पंजीकृत है। जांच में फर्म का संचालन फर्जी तरीके से किया जाना सामने आया है। दुकान लंबे समय से बंद होने के कारण जांच टीम ने मकान मालकिन पूनम अरोड़ा की मौजूदगी में शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गहन जांच-पड़ताल की। मकान मालकिन पूनम अरोड़ा ने बताया कि अनुबंध के बाद फर्म संचालक महज दो बार ही दुकान पर आया था। इसके बाद दुकान लगातार बंद रही। हालांकि किराया हर दो-तीन महीने में आकर दिया जाता था। जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम ने दोबारा शटर पर ताला लगाकर स्थान छोड़ दिया।
बता दें कि एक दिन पूर्व शुक्रवार को जांच दल ने पड़ाव- भूपौली मार्ग पर मढ़िया गांव स्थित नगीना यादव के कटरे में पंजीकृत विष्णु मेडिकल हाल की भी जांच की थी। इस दौरान मकान मालिक नगीना यादव ने बताया कि करीब दस महीने पहले वाराणसी निवासी विष्णु नामक व्यक्ति ने तीन हजार रुपये अग्रिम देकर दुकान किराए पर ली थी, लेकिन तीन महीने तक दुकान नहीं खोली। बाद में एक दिन आकर केवल बोर्ड लगवाया, फोटो खिंचवाई और चला गया। इस दौरान जांच टीम ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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कफ सिरप के अवैध कारोबार पर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार की शाम गठित जांच दल ने पड़ाव चौराहे पर स्थित आकाश प्लाजा कटरा में वर्ष 2022 में पंजीकृत समृद्धि इंटरप्राइजेज नामक दवा फर्म की जांच की। यह फर्म अंजलि रानी कसेरा, पत्नी प्रशांत कुमार, निवासी हबीबपुर (वाराणसी) के नाम से पंजीकृत है। जांच में फर्म का संचालन फर्जी तरीके से किया जाना सामने आया है। दुकान लंबे समय से बंद होने के कारण जांच टीम ने मकान मालकिन पूनम अरोड़ा की मौजूदगी में शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गहन जांच-पड़ताल की। मकान मालकिन पूनम अरोड़ा ने बताया कि अनुबंध के बाद फर्म संचालक महज दो बार ही दुकान पर आया था। इसके बाद दुकान लगातार बंद रही। हालांकि किराया हर दो-तीन महीने में आकर दिया जाता था। जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम ने दोबारा शटर पर ताला लगाकर स्थान छोड़ दिया।
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बता दें कि एक दिन पूर्व शुक्रवार को जांच दल ने पड़ाव- भूपौली मार्ग पर मढ़िया गांव स्थित नगीना यादव के कटरे में पंजीकृत विष्णु मेडिकल हाल की भी जांच की थी। इस दौरान मकान मालिक नगीना यादव ने बताया कि करीब दस महीने पहले वाराणसी निवासी विष्णु नामक व्यक्ति ने तीन हजार रुपये अग्रिम देकर दुकान किराए पर ली थी, लेकिन तीन महीने तक दुकान नहीं खोली। बाद में एक दिन आकर केवल बोर्ड लगवाया, फोटो खिंचवाई और चला गया। इस दौरान जांच टीम ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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