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मियाद हुई खत्म, नहीं भरे जा सके सड़कों पर बने गड्ढे
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हनियां में चकिया बिहारी मिश्र से कुरा होते हुए रामगढ़ जाने वाला मार्ग।
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयूनगर। बारिश से बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों की मरम्मत का काम 20 अक्तूबर तक पूरा कर लेना था मगर इसकी भी मियाद बीत गई और सड़कों की हालत नहीं सुधरी और गड्ढों को भरा नहीं जा सका है। सड़कें इतनी खराब हैं कि उसपर चलना कठिन है। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जितना धन शासन से मिला था उससे अधिक ही सड़कों की मरम्मत कराई जा चुकी है।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की 458.82 किलोमीटर की सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए शासन से पांच करोड़ 16 लाख रुपयों की मांग की थी। इसके सापेक्ष विभाग को अब तक केवल एक करोड़ 72 लाख रुपये ही मिले हैं। प्राप्त धन से विभाग ने करीब 330 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया है। जबकि 129.06 किलोमीटर की सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जाना बाकी है। सड़कों पर बने गड्ढों के कारण लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं।
बारिश का मौसम बीतने के बाद सड़कों पर बने गड्ढों की संख्या भी बढ़ गई है। सबसे अधिक खराब सड़क सकलडीहा से अलीनगर और चहनिया मार्ग की है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैँ। लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके बाद भी गड्ढों को भरा नहीं जा सका है।
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सकलडीहा कस्बे से लेकर चंदौली मार्ग भी खस्ताहाल है। कस्बे में फरवरी से सड़क बन रही है। साथ ही जल निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक एक भी काम पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए व्यापारी और स्थानीय लोग धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसके बाद भी सड़क और अधूरे नाले की हालत जस की तस है। वहीं पीडीडीयू नगर से अलीनगर होते हुए चंदौली जाने वाली सड़क भी काफी खराब हो चुुकी है। अलीनगर के पास करीब दो किमी तक सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग इनकी मरम्मतही शुरू नहीं करा सका है।
चहनिया क्षेत्र स्थित चकिया बिहारी मिश्र से कुरा गांव होते हुए रामगढ़ तक जाने वाला मार्ग चार वर्षों से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों के कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क बनवाने की मांग किए जाने के बाद भी मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में तो सड़क सरोवर में तब्दील हो जाती है।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। शासन से प्राप्त धन से अब तक ज्यादातर सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जा चुका है। शासन से धन मिलने के बाद अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करा ली जाएगी। डीपी सिंह, अधिशासीअभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी, चंदौली
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पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की 458.82 किलोमीटर की सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए शासन से पांच करोड़ 16 लाख रुपयों की मांग की थी। इसके सापेक्ष विभाग को अब तक केवल एक करोड़ 72 लाख रुपये ही मिले हैं। प्राप्त धन से विभाग ने करीब 330 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया है। जबकि 129.06 किलोमीटर की सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जाना बाकी है। सड़कों पर बने गड्ढों के कारण लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं।
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बारिश का मौसम बीतने के बाद सड़कों पर बने गड्ढों की संख्या भी बढ़ गई है। सबसे अधिक खराब सड़क सकलडीहा से अलीनगर और चहनिया मार्ग की है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैँ। लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके बाद भी गड्ढों को भरा नहीं जा सका है।
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सकलडीहा कस्बे से लेकर चंदौली मार्ग भी खस्ताहाल है। कस्बे में फरवरी से सड़क बन रही है। साथ ही जल निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक एक भी काम पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए व्यापारी और स्थानीय लोग धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसके बाद भी सड़क और अधूरे नाले की हालत जस की तस है। वहीं पीडीडीयू नगर से अलीनगर होते हुए चंदौली जाने वाली सड़क भी काफी खराब हो चुुकी है। अलीनगर के पास करीब दो किमी तक सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग इनकी मरम्मतही शुरू नहीं करा सका है।
चहनिया क्षेत्र स्थित चकिया बिहारी मिश्र से कुरा गांव होते हुए रामगढ़ तक जाने वाला मार्ग चार वर्षों से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों के कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क बनवाने की मांग किए जाने के बाद भी मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में तो सड़क सरोवर में तब्दील हो जाती है।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। शासन से प्राप्त धन से अब तक ज्यादातर सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जा चुका है। शासन से धन मिलने के बाद अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करा ली जाएगी। डीपी सिंह, अधिशासीअभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी, चंदौली