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Chandauli News: पालिका रोज चला रही अभियान, फिर भी सड़क पर छुट्टा पशुओं का घमासान

Thu, 28 Sep 2023 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:47 AM IST
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The municipality is running a campaign every day, yet there is a fight between the animals left on the road.
पीडीडीयू नगर। जिले के मिनी महानगर पं.दीनदयाल उपाध्याय नगर स्थित जीटी रोड छुट्टा पशुओं की शरणस्थली बन चुका है। सड़क में बीचोबीच बैठे पशुओं के चलते हादसे की आशंका बनीं रहती है। इसके अलावा शहर की गलियों में भी पशुओं की भरमार हो गई है। नगर में छुट्टा पशुओं की यह स्थिति तब है जबकि पालिका की ओर से हर रोज इन्हें पकड़ने का दावा किया जाता है। इसके इतर कई बार सड़क पर बैठे पशु अक्सर रात में बड़े वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते है।
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सड़क पर घूम रहे निराश्रित पशुओं के सरंक्षण के लिए मुख्यमंत्री काफी सख्त है। इसके बावजूद सड़क पर पशुओं की संख्या में कमी नहीं हो रही है। सबसे अधिक खराब स्थिति नगर पालिका क्षेत्र की है। नगर स्थित रेलवे ओवरब्रिज से सुभाष पार्क तक 15 से 20 पशु सड़क पर घूमते रहते है। सबसे खतरनाक स्थिति तो कोतवाली के सामने की है। सब्जी मंडी में पर्याप्त भोजन मिलने के कारण यहां छुट्टा पशुओं की सबसे अधिक संख्या मौजूद रहती है। कई बार पशु आपस में लड़ जाते है, जिससे बाजार में भगदड़ की स्थिति भी बन जाती है। इसी प्रकार चकिया तिराहा से अलीनगर के बीच भी 08 से 10 पशु विचरण करते मिल जाएंगे। जीटी रोड पर पशुओं के बैठे रहने के कारण कई बार हादसे की आशंका बनी रहती है। सबसे अधिक खतरनाक स्थिति रात में होती है। अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु कई दिखाई नहीं देते जिससे दुर्घटना की आशंका बनीं रहती है। वहीं बड़े वाहनों की चपेट में आने के कारण पशु भी घायल हो जाते है। पशुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद पालिका की ओर से हर रोज निराश्रित पशुओं को पकड़ने का दावा किया जाता है।
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इनसेट
क्षमता 60 की, मौजूद हैं 84 पशु
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका की ओर से मुगलचक में पशु आश्रय स्थल बनाया गया है। नगर पालिका ईओ कृष्णचंद्र के अनुसार पालिका के पास के 60 पशुओं को रखने की क्षमता है। जबकि वर्तमान में पशु आश्रय स्थल पर 84 पशु मौजूद है। पकड़े गये पशुओं को सीवीओ से वार्ता के बाद अन्य पशु आश्रय केंद्रों पर भिजवाया जाता है। संवाद
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कोट
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नगर पालिका की ओर से हर रोज रात में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है। बाद में पशुओं को सीवीओ के जरिये अन्य पशु आश्रय केंद्रों पर भिजवा दिया जाता है। इसके अलावा कई बार ग्रामीण क्षेत्र से भी पशुओं को शहर की ओर हांक कर भेज दिया जाता है। कृष्णचंद्र, ईओ, नगर पालिका पीडीडीयू नगर
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