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आपातकाल की भयावहता आज भी स्मृतियों में जीवित : अनिल राजभर

Thu, 26 Jun 2025 12:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 12:49 AM IST
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The horrors of the Emergency are still alive in our memories: Anil Rajbhar
चंदौली। भाजपा कार्यालय में बुधवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए आपातकाल के काले अध्याय का 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनिल राजभर ने कहा कि आपातकाल की भयावता आज भी यादों में है। राजभर ने कहा कि लोकतंत्र को क्षत-विक्षत कर रक्त रंजित करने वाले आपातकाल की भयावहता आज भी स्मृतियों में जीवित है। कांग्रेस ने अपने दंभ और अहंकार में क्रूरता और दमन की पराकाष्ठा से 50 वर्ष पूर्व लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सीधा हमला किया था। हमारी आने वाली पीढियों को आपातकाल के इतिहास को जानना जरूरी है। आज संविधान की बात करने वाले कैसे संविधान के साथ खिलवाड़ कर चुके हैं, इसका जीता जागता उदाहरण इमरजेंसी था। कहा कि इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा का नारा देने वाले लोगों ने प्रेस और न्यायपालिका तक को प्रतिबंधित कर दिया था। लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले भारत के संविधान में विश्वास रखने वाले हर वर्ग के लोगों ने इस काले दिवस को याद किया।
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राज्यसभा सदस्य साधना सिंह ने कहा कि मार्च 1971 में लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बावजूद इंदिरा गांधी की वैधानिकता को चुनौती मिली। उनके विपक्षी उम्मीदवार राज नारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव को भ्रष्ट आचरण और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आधार पर चुनौती थी। मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि 12 जून 1975 को कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया और उन्हें छह वर्ष तक किसी भी निर्वाचित पद पर रहने से अयोग्य करार दिया। इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आंतरिक शांति का हवाला देकर राष्ट्रपति से आपातकाल लगवा दिया। इसके पूर्व कार्यक्रम में आए लोकतंत्र सेनानियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान चकिया विधायक कैलाश खरवार, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, अनिल सिंह, राणा प्रताप सिंह, शिवराज सिंह, किरन शर्मा, अनिल तिवारी, शिव मंगल वियार उपस्थित रहे।
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इनसेट
2027 आते आते अखिलेश को अपने बहुत से विधायकों को निकालना पड़ेगा
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि 2027 तक आते-आते अखिलेश को अपने बहुत से विधायकों को निकालना पड़ेगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतिदिन समाजवादी पार्टी के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, उनके पास प्रदेश के किसी भी मुद्दे पर बात करने का समय नहीं है। अभी उन्होंने अपने तीन विधायकों को निकाल दिया। क्यों कि उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था की प्रशंसा की और उत्तर प्रदेश के विकास के साथ खड़ा होने की बात कही।
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