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कुपोषण खत्म करने की हुई शुरुआत
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:51 AM IST
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महिलाओं को भोजन कराते जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों में कुपोषण की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार भोजन उपलब्ध कराने की पहल शुरू हो गई।
फिलहाल ट्रायल के तहत डीएम और सीडीओ द्वारा गोद लिए गए दो-दो गांवों में तेरह दिन तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों और महिलाओं को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके राय के अनुसार डीएम द्वारा गोद लिए गए गांव दुलहीपुर में बुधवार से पहल शुरू कर दी गई।
डीएम और सीडीओ के अनुसार जिले के बिसौरी, दुलहीपुर, रसूलपुर और फिरोजपुर में कुल सात माह से तीन वर्ष तक के 68 अति कुपोषित बच्चे और 207 गर्भवती महिलाएं हैं। ट्रायल कार्यक्रम के तहत तेरह दिनों तक इन्हें पौष्टिक आहार और आंगनबाड़ी केंद्रों पर पका-पकाया गर्म भोजन दिया जाएगा, जिससे कैलोरी और प्रोटीन की भरपाई की जा सके। अति कुपोषित बच्चे पर प्रति बच्चा सात रुपये और गर्भवती महिला पर प्रति महिला 18 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए धन ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त खाते में भेजा जाएगा।
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फिलहाल ट्रायल के तहत डीएम और सीडीओ द्वारा गोद लिए गए दो-दो गांवों में तेरह दिन तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों और महिलाओं को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके राय के अनुसार डीएम द्वारा गोद लिए गए गांव दुलहीपुर में बुधवार से पहल शुरू कर दी गई।
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डीएम और सीडीओ के अनुसार जिले के बिसौरी, दुलहीपुर, रसूलपुर और फिरोजपुर में कुल सात माह से तीन वर्ष तक के 68 अति कुपोषित बच्चे और 207 गर्भवती महिलाएं हैं। ट्रायल कार्यक्रम के तहत तेरह दिनों तक इन्हें पौष्टिक आहार और आंगनबाड़ी केंद्रों पर पका-पकाया गर्म भोजन दिया जाएगा, जिससे कैलोरी और प्रोटीन की भरपाई की जा सके। अति कुपोषित बच्चे पर प्रति बच्चा सात रुपये और गर्भवती महिला पर प्रति महिला 18 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए धन ग्राम प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त खाते में भेजा जाएगा।
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