पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में कर्मचारियों के लगातार संक्रमित होने और मौत होने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन सक्रिय हुआ है। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय अधिकारियों और पीएनएम प्रभारी मिथलेश कुमार व अन्य यूनियन पदाधिकारियों के साथ वेबिनार में स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि रेलवे अस्पताल में दस अतिरिक्त पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। अतिरिक्त चिकित्सकों के तैनाती की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में मंडल अस्पताल डीडीयू, अनुमंडल रेल अस्पताल गया सहित पूरे मंडल में कोविड मरीजों, कोविड टेस्टिंग और कोविड वैक्सीनेशन की स्थिति पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि सभी कार्यस्थल, स्टेशन, डिपो, शेड, क्रू लॉबी तथा गैंग यूनिट्स में मास्क, ऑक्सिमीटर, थर्मल स्कैनर, सेनिटाइजर तथा ओआरएस का पैकेट फ्रंट लाइन स्टाफ के लिए फेस शील्ड की उपलब्धता सुनश्चित कराई जाएगी। लॉबी में मुख्य क्रू नियंत्रक की ओर से रनिंग स्टाफ ( लोको पायलट तथा गार्ड ) को सुरक्षा किट दिया जाना निश्चित है। सभी कार्यालय तथा रेल कॉलोनियों की सेनिटाइजेशन, रेल कॉलोनियों में फोगिंग, अस्पताल में भर्ती सभी कोविड मरीजो पीने का गर्म पानी के इलेक्ट्रिक केतली की व्यवस्था, मोर्चरी में एसी लगाकर आज ठीक करने की व्यवस्था की जाएगी। डीआरएम ने कहा कि अस्पताल के आठ चिकित्सक कोविड पॉजिटिव हो चुके हैं। ऐसे में अतिरिक्त डॉक्टरों के नियुक्ति का प्रयास किया जा रहा है। डीएम के सहयोग से अस्पताल में 150 सामान्य और आठ जंबो आक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। कार्य स्थल पर भीड़ कम हो इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ड्यूटी रोस्टर को जहां भी संभव हो बदलें। 50 प्रतिशत या न्यूनतम मैन पावर का एक शिफ्ट में इस्तेमाल करें अथवा अल्टरनेट डे ड्यूटी पर बुलाए जाएं। रनिंग स्टाफ को यथा सम्भव वन वे कार्य कराएं, ताकि रनिंग रूम में रुकने की आवश्यकता नहीं पड़े।