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पीएम आदर्श गांव में मूलभूत सुविधाओं का होगा सर्वे
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चन्दौली। पीएम आदर्श गांव की सुविधाओं का होगा सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षकों ने प्रधानमंत्री आदर्श गांव के रूप में चयनित ग्राम पंचायतों में 10 बिंदुओं पर लाभार्थियों का सर्वे कराने के बारे में जानकारी दी। साथ ही पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण समेत अन्य चीजों के सर्वे के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।
जिले के अनुसूचित जाति की ज्यादा आबादी वाले 70 गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श गांवों के रूप में हुआ है।यहां पेयजल व स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, विद्युत और स्वच्छ ईधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, जीवनयापन और कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य कराए जाएंगे। समिति गांवों की पड़ताल करेगी। सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का ब्योरा तैयार करेगी। खासतौर से जिन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत होगी, उस पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि योजना के तहत चयनित गांवों के लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। समिति अपने स्तर से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी। शासन स्तर से बजट आवंटित किया जाएगा। समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि समिति के सदस्य निर्धारित बिंदुओं पर गांवों में पड़ताल करें। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों से भी बात करें। इससे काफी हद तक जानकारी मिलेगी। डीडीओ पद्मकान्त शुक्ला ने कहा कि सरकार की पहल को सार्थक बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 से अधिक गांवों का चयन किया गया है। शासन से बजट मिलने पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान राजेश सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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जिले के अनुसूचित जाति की ज्यादा आबादी वाले 70 गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श गांवों के रूप में हुआ है।यहां पेयजल व स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, विद्युत और स्वच्छ ईधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, जीवनयापन और कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य कराए जाएंगे। समिति गांवों की पड़ताल करेगी। सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का ब्योरा तैयार करेगी। खासतौर से जिन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत होगी, उस पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि योजना के तहत चयनित गांवों के लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। समिति अपने स्तर से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी। शासन स्तर से बजट आवंटित किया जाएगा। समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि समिति के सदस्य निर्धारित बिंदुओं पर गांवों में पड़ताल करें। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों से भी बात करें। इससे काफी हद तक जानकारी मिलेगी। डीडीओ पद्मकान्त शुक्ला ने कहा कि सरकार की पहल को सार्थक बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 से अधिक गांवों का चयन किया गया है। शासन से बजट मिलने पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान राजेश सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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