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हड़ताल पर रहे राज्य कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Wed, 23 Dec 2015 02:20 AM IST
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दस सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर राज्य कर्मचारी मंगलवार को सांकेतिक कलमबंद हड़ताल पर रहे।
दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में सभा कर अपने हक के लिए आवाद बुलंद करने के साथ ही समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सभी भत्तों में समानता लाई जाए। नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए।
पूर्व में लागू नकदीकरण व्यवस्था को बहाल किया जाए। तकनीकी योग्यताधारी संवर्गों को न्यूनतम 4800 ग्रेड वेतन प्रदान किया जाए, जबकि गैर तकनीकी योग्यता वाले संवर्गों को जिनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है उन्हें 4600 ग्रेड वेतन स्वीकृत किया जाए।
उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए परिवीक्षा अवधि पूरी तरह से समाप्त किया जाए। निजीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करते हुए नियमित पदों पर भर्ती की जाए।
ग्रुप डी की भर्तियों से रोक कटाई जाए और इस व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित भर्ती में वरीयता दी जाए। फील्ड कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता प्रदान किया जाए। पोषद पद से उच्च पद पर विभागीय परीक्षा के आधार पर सीधी भर्ती के कोटे में 15 प्रतिशत पद भरे जाएं।
उक्त पदों पर उच्च पद शैक्षिक योग्यता प्राप्त कर्मचारियों को रखा जाए। अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत कर्मचारियों को वर्ष 2008 के छठे वेतन आयोग का आंशिक लाभ प्रदान किया गया है, लेकिन प्राप्त भत्तों में किसी भी प्रकार से केन्द्र से समानता नहीं प्रदान की गई थी।
कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता, ग्रेड वेतन के आधार पर स्वीकृत किया जा रहा है, जबकि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चेताया कि यदि जल्द कर्मचारियों की लम्बित मांगों पर विचार करते हुए उनका निस्तारण नहीं किया गया तो हम सभी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
परिवहन, राजस्व, सिंचाई, कोषागार, तहसील, चकबंदी और कृषि विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन दिया। इस मौके पर महेंद्र लाल श्रीवास्तव, आनन्द मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, अवधेश पाण्डेय, दुर्गेश, अजय यादव, तारकेश्वर यादव, विजेंद्र नारायण, श्रवण कुमार, गिरिश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में सभा कर अपने हक के लिए आवाद बुलंद करने के साथ ही समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सभी भत्तों में समानता लाई जाए। नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए।
पूर्व में लागू नकदीकरण व्यवस्था को बहाल किया जाए। तकनीकी योग्यताधारी संवर्गों को न्यूनतम 4800 ग्रेड वेतन प्रदान किया जाए, जबकि गैर तकनीकी योग्यता वाले संवर्गों को जिनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है उन्हें 4600 ग्रेड वेतन स्वीकृत किया जाए।
उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए परिवीक्षा अवधि पूरी तरह से समाप्त किया जाए। निजीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करते हुए नियमित पदों पर भर्ती की जाए।
ग्रुप डी की भर्तियों से रोक कटाई जाए और इस व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित भर्ती में वरीयता दी जाए। फील्ड कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता प्रदान किया जाए। पोषद पद से उच्च पद पर विभागीय परीक्षा के आधार पर सीधी भर्ती के कोटे में 15 प्रतिशत पद भरे जाएं।
उक्त पदों पर उच्च पद शैक्षिक योग्यता प्राप्त कर्मचारियों को रखा जाए। अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत कर्मचारियों को वर्ष 2008 के छठे वेतन आयोग का आंशिक लाभ प्रदान किया गया है, लेकिन प्राप्त भत्तों में किसी भी प्रकार से केन्द्र से समानता नहीं प्रदान की गई थी।
कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता, ग्रेड वेतन के आधार पर स्वीकृत किया जा रहा है, जबकि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चेताया कि यदि जल्द कर्मचारियों की लम्बित मांगों पर विचार करते हुए उनका निस्तारण नहीं किया गया तो हम सभी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
परिवहन, राजस्व, सिंचाई, कोषागार, तहसील, चकबंदी और कृषि विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन दिया। इस मौके पर महेंद्र लाल श्रीवास्तव, आनन्द मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, अवधेश पाण्डेय, दुर्गेश, अजय यादव, तारकेश्वर यादव, विजेंद्र नारायण, श्रवण कुमार, गिरिश कुमार आदि उपस्थित रहे।