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जीवित्पुत्रिका के लिए हुई खरीदारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:35 AM IST
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संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला जीवित पुत्रिका पर्व सोमवार को मनाया जाएगा।
महिलाएं निराजल व्रत रहकर मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर राजा जिमूतवाहन के गिद्धराज से युवक की जान बचाने की कथा सुनेंगी।
रविवार को इसके लिए महिलाओं ने नहाय खाय किया। पर्व के मद्देनजर रविवार को बाजार में फलों और पूजा पाठ की दुकानें सजी रही। यहां खरीददारी के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी।
अत्यधिक भीड़ होने की वजह से बाजार में दिन भर जाम की स्थिति रही।
भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को निराजल व्रत रहकर मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से संतान की आयु लंबी होती है। इसी मान्यता की वजह से महिलाएं इसे पूरे मनोयोग से करती हैं।
रविवार को जिउतिया के लिए महिलाओं ने नहाय खाय किया। सुबह स्नान ध्यान के बाद नोनी का साग,सतपुतिया की सब्जी और मड़वा की रोटी बनाकर खायी और सोमवार को व्रत रहने के लिए संकल्प लिया।
महिलाओं ने संतान की संख्या के आधार पर चांदी और सोने की जिउतियां स्वर्णकारों के यहां से खरीदी। वहीं व्रत के मद्देनजर बाजार में विशेष कर फल की मंडी सजी।
पूजा पाठ के लिए बाजार में सेव, संतरा, अनार, अन्नानास, गन्ना, अमरूद, नाशपाती की दुकानें सजी। नगर में रेलवे ओवरब्रिज के पास से नई बस्ती तक सउ़क के किनारे जगह जगह अस्थायी रूप से फलों की दुकानें सजी रही।
यही नहीं खाली स्थानों पर फूट पाथ पर महिलाएं धागे से बनी जिउतिया की दुकान सजा रखी थी।
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महिलाएं निराजल व्रत रहकर मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर राजा जिमूतवाहन के गिद्धराज से युवक की जान बचाने की कथा सुनेंगी।
रविवार को इसके लिए महिलाओं ने नहाय खाय किया। पर्व के मद्देनजर रविवार को बाजार में फलों और पूजा पाठ की दुकानें सजी रही। यहां खरीददारी के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी।
अत्यधिक भीड़ होने की वजह से बाजार में दिन भर जाम की स्थिति रही।
भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को निराजल व्रत रहकर मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से संतान की आयु लंबी होती है। इसी मान्यता की वजह से महिलाएं इसे पूरे मनोयोग से करती हैं।
रविवार को जिउतिया के लिए महिलाओं ने नहाय खाय किया। सुबह स्नान ध्यान के बाद नोनी का साग,सतपुतिया की सब्जी और मड़वा की रोटी बनाकर खायी और सोमवार को व्रत रहने के लिए संकल्प लिया।
महिलाओं ने संतान की संख्या के आधार पर चांदी और सोने की जिउतियां स्वर्णकारों के यहां से खरीदी। वहीं व्रत के मद्देनजर बाजार में विशेष कर फल की मंडी सजी।
पूजा पाठ के लिए बाजार में सेव, संतरा, अनार, अन्नानास, गन्ना, अमरूद, नाशपाती की दुकानें सजी। नगर में रेलवे ओवरब्रिज के पास से नई बस्ती तक सउ़क के किनारे जगह जगह अस्थायी रूप से फलों की दुकानें सजी रही।
यही नहीं खाली स्थानों पर फूट पाथ पर महिलाएं धागे से बनी जिउतिया की दुकान सजा रखी थी।