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बदले जाएंगे 566 गांवों के जर्जर तार और खंभे
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पीडीडीयू नगर। लोगों की जानमाल की सुरक्षा को लेकर बिजली विभाग ने जर्जर एलटी (लो टेंशन) तारों व खंभों को बदलने की तैयारी कर ली है। पहले चरण में जिले के 566 ऐसे गांवों व मजरों को चिह्नित किया गया है जहां की आबादी एक हजार या उससे अधिक है। तारों व खंभों को बदलने का कार्य बरहनी ब्लाक से शुरू किया जाएगा। इसके लिए अधिकृत कंपनी के कर्मचारियों ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। एक सप्ताह के भीतर तारों व पोलों को बदलने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
वाराणसी के भिखारीपुर स्थित विभाग के मुख्यालय से ग्रामीण इलाकों के जर्जर खंभों व तारों को बदलने का आदेश आने के लिए विभाग सक्रिय हो गया था। पंद्रह दिन पूर्व टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद कार्यदाई संस्था अशोका बिल्ड कॉम के कर्मचारियों ने सभी ऐसे मजरों व गांवों में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है जिनकी आबादी एक हजार या उससे अधिक है। तारों व खंभों को बदलने का कार्य एक सप्ताह में बरहनी ब्लॉक के चयनित गांवों व मजरों से आरंभ किया जाएगा। इसके तहत खुले तारों की जगह एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) तार लगाए जाएंगे। इसके बाद छह माह के भीतर सभी नौ ब्लाकों के गांवों व मजरों में जर्जर तार व खंभे बदल दिए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार जर्जर हो गये हैं। इन जर्जर तारों व खंभों के कारण अक्सर दुर्घटना होती रहती है। करेंट की चपेट में आकर इंसान व पशु दम तोड़ देते हैं। ग्रामीण जर्जर तारों को बदलने की मांग लगातार करते रहे हैं। अब जर्जर तारों व खंभों को बदल दिए जाने से उनकी परेशानी दूर हो जाएगी।
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तेज हवाओं के चलने व पक्षियों के तारों पर बैठने से अक्सर शार्ट सर्किट होता रहता है। शार्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी से खेतों व खलिहानों में फसल जलने की घटना होती रहती है। इस वर्ष जनवरी से मई माह तक 88 स्थानों पर खेतों व खलिहानों में जर्जर तारों व खंभों के कारण आग लगने से फसल जलने की घटना हो चुकी है। जर्जर तारों व खंभों को बदल दिए जाने से इस समस्या का समाधान होगा।
मुख्यालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद जर्जर तारों व खंभों को बदलने की दिशा में कार्य आरंभ कर दिया गया है। कार्यदाई संस्था ने 566 गांवों व मजरों में सर्वे का कार्य कर लिया है। एक सप्ताह में बरहनी ब्लॉक के गांवों व मजरों से जर्जर तारों व खंभों को बदलने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मनोज कुमार पाठक, अधीक्षण अभियंता।
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वाराणसी के भिखारीपुर स्थित विभाग के मुख्यालय से ग्रामीण इलाकों के जर्जर खंभों व तारों को बदलने का आदेश आने के लिए विभाग सक्रिय हो गया था। पंद्रह दिन पूर्व टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद कार्यदाई संस्था अशोका बिल्ड कॉम के कर्मचारियों ने सभी ऐसे मजरों व गांवों में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है जिनकी आबादी एक हजार या उससे अधिक है। तारों व खंभों को बदलने का कार्य एक सप्ताह में बरहनी ब्लॉक के चयनित गांवों व मजरों से आरंभ किया जाएगा। इसके तहत खुले तारों की जगह एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) तार लगाए जाएंगे। इसके बाद छह माह के भीतर सभी नौ ब्लाकों के गांवों व मजरों में जर्जर तार व खंभे बदल दिए जाएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार जर्जर हो गये हैं। इन जर्जर तारों व खंभों के कारण अक्सर दुर्घटना होती रहती है। करेंट की चपेट में आकर इंसान व पशु दम तोड़ देते हैं। ग्रामीण जर्जर तारों को बदलने की मांग लगातार करते रहे हैं। अब जर्जर तारों व खंभों को बदल दिए जाने से उनकी परेशानी दूर हो जाएगी।
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तेज हवाओं के चलने व पक्षियों के तारों पर बैठने से अक्सर शार्ट सर्किट होता रहता है। शार्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी से खेतों व खलिहानों में फसल जलने की घटना होती रहती है। इस वर्ष जनवरी से मई माह तक 88 स्थानों पर खेतों व खलिहानों में जर्जर तारों व खंभों के कारण आग लगने से फसल जलने की घटना हो चुकी है। जर्जर तारों व खंभों को बदल दिए जाने से इस समस्या का समाधान होगा।
मुख्यालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद जर्जर तारों व खंभों को बदलने की दिशा में कार्य आरंभ कर दिया गया है। कार्यदाई संस्था ने 566 गांवों व मजरों में सर्वे का कार्य कर लिया है। एक सप्ताह में बरहनी ब्लॉक के गांवों व मजरों से जर्जर तारों व खंभों को बदलने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। मनोज कुमार पाठक, अधीक्षण अभियंता।