चहनिया। श्रीत्रिदंडी स्वामी आश्रम विसूपुर में मंगलवार को आयोजित गोष्ठी में गंगा के कटान रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने का आह्वान किया गया। इस मौके पर अतिथियों की मौजूदगी में 200 पौधे लगाकर इसकी रक्षा करने का संकल्प लिया गया।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि विंध्याचल तिवारी ने कहा कि आज जिस तरह कटान तेजी से गांव की तरफ हो रहा है, उससे गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। चार दशक पहले गंगा गांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर थीं, लेकिन आज 450 मीटर भूमि गंगा में समा चुकी है और गंगा गांव के मुहाने पर आ गई हैं। कहा कि गंगा के तट पर झाड़ी और पेड़ों को लगाकर गंगा की कटान को कुछ हद तक रोका जा सकता है। तभी गांवों का अस्तित्व बचेगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. परशुराम सिंह ने वृक्षों की महत्ता पर प्रकाश डाला। कहा कि वृक्षों में तमाम प्रकार की औषधियां विद्यमान हैं, जो जटिल से जटिल रोगों का उपचार करने का सामर्थ्य रखती हैं। मनोज मिश्रा ने कहा कि कहीं भी किसी भी प्रकार के कटान को पौधरोपण कर रोका जा सकता है। गोष्ठी के बाद गांव में गंगा के तट पर 200 पौधे लगाए गए। इस दौरान स्वामी राम प्रन्नाचार्य महाराज, शशि प्रकाश मिश्रा, मिथिलेश गुप्ता, आयुष पाठक, लल्लू राही, अब्बास अली, शिव प्रकाश यादव, ज्ञानेंद्र तिवारी, चंदन तिवारी, ओम प्रकाश यादव, सोनू सिंह, डॉ. एके उपाध्याय, डॉ. अभिषेक उपाध्याय, जितेंद्र यादव, चंद्रशेखर राय, प्रेम प्रकाश सिंह, मृत्युंजय तिवारी, रिजवाना परवीन, संजना चौहान, आदि उपस्थित रहे। संचालन राष्ट्रीय सचिव केसी श्रीवास्तव ने किया।