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कोरोना की मार से दम तोड़ रहा सैलून संचालकों का कारोबार
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पीडीडीयू नगर। वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना के चलते सैलून का कारोबार भी दम तोड़ रहा है। तकरीबन दो महीने से बंद सैलून संचालकों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई है। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद 15 मार्च से लगातार चार फेज में बढ़ चुके लाकडाउन के चलते संचालकों के सैलूनों का ताला नहीं खुला है। इससे उनके सामने बड़ा संकट गहराने लगा है। जिले में कई प्रतिष्ठान और दुकानों को खोलने की इजाजत मिली है लेकिन सैलून खोलने की अनुमति नहीं होने से अब संचालक परेशान होने लगे हैं।
जिले में तकरीबन छोटे बड़े पांच हजार सैलून और केश कलाकार लाकडाउन में परिवार के करीब 50 हजार लोगों के साथ जद्दोजहद कर रहे हैं। सैलून खोलने की छूट नहीं मिलने से दुकान बंद है तो लोग भी कोरोना के भय से सैलून पर नहीं जा रहे हैं। इससे दो महीने से बंद सैलून कारोबार अब दम तोड़ने लगा है। सैलून संचालक अब इस उम्मीद है कि प्रतिष्ठान, बाजार और मिठाई की दुुकान खुलने की अनुमति है तो उन्हें भी प्रशासन की ओर से उम्मीद मिलेगी। लेकिन अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं मिलने से वे रोजी रोटी के लिए जूझ रहे हैं।
पीडीडीयू नगर। सैलून संचालक और ग्राहकों का कहना है कि प्रतिष्ठान और बाजार खुल रहे हैं तो सैलून भी सुरक्षा के साथ खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। नगर निवासी राजू शर्मा की रवि नगर में नेहा जेंटस पार्लर चलाते हैं। राजू का कहना है कि दो महीने से दुकान बंद है। घर में अब परिवार का चलाना मुश्किल हो गया है। ग्राहक कोरोना के भय से अपने घर भी नहीं बुला रहे हैं। कारोबार ठप होने से दिक्कत होने लगी है। प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए सैलून खोलने की अनुमति देनी चाहिए। सेंट्रल कालोनी निवासी प्रमोद शर्मा की सिकटिया में सैलून है। इनका कहना है कि लाकडाउन के बाद से ही सैलून बंद है। पहले उम्मीद थी कि सैलून खोलने की छूट मिलेगी लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ। नियमों के साथ दुुकान खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए। ग्राहक शैलेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि सुरक्षा और सफाई का पूरा ध्यान रखते हुए सैलून खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। रविवार को उनके बेटे विक्रम ने घर पर ही किसी तरह उनके बाल काटे। नगर निवासी शिवांश मिश्रा का कहना है कि दो महीने से दाड़ी और बाल बढ़ा हुआ है। बहुत दिक्कत हो रही है। सैलून खुल भी नहीं रहा है और सैलून संचालक को घर भी बुलाने में भय लग रहा है। ऐसे में सुरक्षा और सफाई के साथ सैलून को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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जिले में तकरीबन छोटे बड़े पांच हजार सैलून और केश कलाकार लाकडाउन में परिवार के करीब 50 हजार लोगों के साथ जद्दोजहद कर रहे हैं। सैलून खोलने की छूट नहीं मिलने से दुकान बंद है तो लोग भी कोरोना के भय से सैलून पर नहीं जा रहे हैं। इससे दो महीने से बंद सैलून कारोबार अब दम तोड़ने लगा है। सैलून संचालक अब इस उम्मीद है कि प्रतिष्ठान, बाजार और मिठाई की दुुकान खुलने की अनुमति है तो उन्हें भी प्रशासन की ओर से उम्मीद मिलेगी। लेकिन अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं मिलने से वे रोजी रोटी के लिए जूझ रहे हैं।
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पीडीडीयू नगर। सैलून संचालक और ग्राहकों का कहना है कि प्रतिष्ठान और बाजार खुल रहे हैं तो सैलून भी सुरक्षा के साथ खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। नगर निवासी राजू शर्मा की रवि नगर में नेहा जेंटस पार्लर चलाते हैं। राजू का कहना है कि दो महीने से दुकान बंद है। घर में अब परिवार का चलाना मुश्किल हो गया है। ग्राहक कोरोना के भय से अपने घर भी नहीं बुला रहे हैं। कारोबार ठप होने से दिक्कत होने लगी है। प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए सैलून खोलने की अनुमति देनी चाहिए। सेंट्रल कालोनी निवासी प्रमोद शर्मा की सिकटिया में सैलून है। इनका कहना है कि लाकडाउन के बाद से ही सैलून बंद है। पहले उम्मीद थी कि सैलून खोलने की छूट मिलेगी लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ। नियमों के साथ दुुकान खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए। ग्राहक शैलेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि सुरक्षा और सफाई का पूरा ध्यान रखते हुए सैलून खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। रविवार को उनके बेटे विक्रम ने घर पर ही किसी तरह उनके बाल काटे। नगर निवासी शिवांश मिश्रा का कहना है कि दो महीने से दाड़ी और बाल बढ़ा हुआ है। बहुत दिक्कत हो रही है। सैलून खुल भी नहीं रहा है और सैलून संचालक को घर भी बुलाने में भय लग रहा है। ऐसे में सुरक्षा और सफाई के साथ सैलून को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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