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बाजार खुले पर रेस्टूरेंट संचालकों को नहींमिली राहत
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पीडीडीयू नगर। कोरोना कर्फ्यू के बाद बाजार खुलने की अनुमति तो मिल चुकी पर रेस्टोरेंट संचालकों को राहत नहीं मिली है। जहां सभी दुकानों को खोलने की इजाजत मिली है वहीं रेस्टूरेंट संचालकों को सिर्फ होम डिलीवरी की छूट दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ होम डिलीवरी की छूट दिये जाने से रेस्टूरेंट संचालकों का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है।
एक जून को प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद कोरोना कर्फ्यू में छूट दे दी गई। इसके साथ ही दुकानों के खोलने व बंद करने के साथ ही सप्ताह में दो दिन साप्ताहिक छुट्टी की पांबदी भी लगाई दी गई। । वहीं दूसरी तरफ रेस्टूरेंट संचालक अभी भी नाखुश हैं। दरअसल जिला प्रशासन की ओर से रेस्टूरेंट संचालकों को सिर्फ होम डिलेवरी की इजाजत दी गई है। होम डिलीवरी के लिए भी संचालकों को कुक समेत अन्य कारीगरों के हर रोज का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिले में दो सौ से अधिक रेस्टूरेंट संचालित होते है। संचालकों की ओर से यह मांग की गई है जिस प्रकार से बाजार में अन्य व्यापारियों को छूट दी गई है उसी प्रकार उन्हें भी छूट दी जानी चाहिए। संचालकों ने कहा कि पिछले बार सोशल डिस्टेसिंग के साथ ग्राहकों को रेस्टूरेंट में बैठाकर खाना खिलाने की छूट दी गई थी पर इस बार वो भी बंद है।
कोरोना कर्फ्यू में रेस्टूरेंट संचालकों को काफी नुकसान हुआ है। अभी भी सिर्फ होम डिलीवरी की छूट दी गई है। इससे रेस्टूरेंट संचालक खर्च तक नहीं निकाल पा रहे है। संजय सिंह, रेस्टोरेंट संचालक। सामान्य दिनों में 15 से 20 रुपये का कारोबार होता था। कोरोना कर्फ्यू में छूट दिये जाने के बाद रेस्टूरेंट संचालक सिर्फ होम डिलीवरी कर सकते है। ऐसे में आज हर दिन सिर्फ एक से डेढ़ हजार रुपये के ही आर्डर मिल रहे है। इससे खर्च तक निकालना मुश्किल हो गया है। अरमान, होटल मैनेजर।
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एक जून को प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद कोरोना कर्फ्यू में छूट दे दी गई। इसके साथ ही दुकानों के खोलने व बंद करने के साथ ही सप्ताह में दो दिन साप्ताहिक छुट्टी की पांबदी भी लगाई दी गई। । वहीं दूसरी तरफ रेस्टूरेंट संचालक अभी भी नाखुश हैं। दरअसल जिला प्रशासन की ओर से रेस्टूरेंट संचालकों को सिर्फ होम डिलेवरी की इजाजत दी गई है। होम डिलीवरी के लिए भी संचालकों को कुक समेत अन्य कारीगरों के हर रोज का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिले में दो सौ से अधिक रेस्टूरेंट संचालित होते है। संचालकों की ओर से यह मांग की गई है जिस प्रकार से बाजार में अन्य व्यापारियों को छूट दी गई है उसी प्रकार उन्हें भी छूट दी जानी चाहिए। संचालकों ने कहा कि पिछले बार सोशल डिस्टेसिंग के साथ ग्राहकों को रेस्टूरेंट में बैठाकर खाना खिलाने की छूट दी गई थी पर इस बार वो भी बंद है।
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कोरोना कर्फ्यू में रेस्टूरेंट संचालकों को काफी नुकसान हुआ है। अभी भी सिर्फ होम डिलीवरी की छूट दी गई है। इससे रेस्टूरेंट संचालक खर्च तक नहीं निकाल पा रहे है। संजय सिंह, रेस्टोरेंट संचालक। सामान्य दिनों में 15 से 20 रुपये का कारोबार होता था। कोरोना कर्फ्यू में छूट दिये जाने के बाद रेस्टूरेंट संचालक सिर्फ होम डिलीवरी कर सकते है। ऐसे में आज हर दिन सिर्फ एक से डेढ़ हजार रुपये के ही आर्डर मिल रहे है। इससे खर्च तक निकालना मुश्किल हो गया है। अरमान, होटल मैनेजर।
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