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होली पर ट्रेनों में नहीं मिल रहा है रिजर्वेशन
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पीडीडीयू नगर। रंगों का त्योहार होली में एक पखवारा से कुछ ही अधिक समय बचा हुुुआ है। ऐसे में कमाने के लिए महानगरों में गए लोगों ने लौटने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में महानगरों से लौटने वाली ट्रेनों में सीटों की मारामारी शुरू हो गई है। स्थिति यह कि डाउन की सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में सीट फूल हो चुकी है। ठंड की वजह से महत्वपूर्ण ट्रेनों के रद्द होने के कारण भी दिक्कत हो रही है। अधिकतर ट्रेनों में 15 मार्च तक वेटिंग मिल रही है।
चंदौली सहित आस पास के जिलों से और बिहार से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, सूरत सहित अन्य औद्योगिक इलाकों में गए हैं। ये लोग होली, दीपावली, डाला छठ सहित अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों पर घर लौटते हैं। ऐसे में होली नजदीक आते ही ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। कोरोना के कारण ट्रेनों की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। अभी भी सामान्य बोगी में रिजर्वेशन की व्यवस्था है। वहीं वेटिंग टिकट पर स्लीपर अथवा एसी कोच में यात्रा पर रोक है। ऐसे में वापस लौटने वाले रिजर्वेशन कराने में जुट गए हैं लेकिन सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों की सीट पहले ही फूल हो चुकी है। ठंड की वजह से 28 फरवरी तक पीडीडीयू जंक्शन से होकर गुजरने वाली 30 जोड़ी से अधिक ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया था। इससे यात्रियों को अधिक परेशानी हो रही है। वहीं कोरोना के पहले प्रति वर्ष होली पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती रही है। इस वर्ष अभी तक इस बारे में रेलवे की ओर से कोई सूचना जारी नहीं हुई है। इसस यात्री निराश हैं। नगर से सटे लख्मीपुर निवासी महेन्द्र ने बताया कि उनका भाई मुंबई में है, लेकिन किसी ट्रेन में सीट खाली नहीं है। पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, भागलपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, मुंबई मेल में सीट खाली नहीं है। सभी ट्रेनों में वेटिंग पचास से अधिक दिख रही है। वहीं ओड़वार निवासी महेश ने बताया कि उसके माता पिता चेन्नई गए हैं। अब चेन्नई से आने के लिए टिकट नहीं मिल रहा है। चेन्नई से आने के लिए 15 मार्च को एग्मोर गया एक्सप्रेस के स्लीपर में 212 तो संघमित्रा एक्सप्रेस में 244 वेटिंग लिस्ट है। काली महाल निवासी राहुल, अजय, गया कॉलोनी निवासी राम सिंह आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष सामान्य ट्रेनों के साथ ही होली स्पेशल चलाई जाती थी। इस बार अब तक इसकी घोषणा नहीं की गइ्र है। इससे दिक्कत हो रही है।
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चंदौली सहित आस पास के जिलों से और बिहार से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, सूरत सहित अन्य औद्योगिक इलाकों में गए हैं। ये लोग होली, दीपावली, डाला छठ सहित अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों पर घर लौटते हैं। ऐसे में होली नजदीक आते ही ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। कोरोना के कारण ट्रेनों की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। अभी भी सामान्य बोगी में रिजर्वेशन की व्यवस्था है। वहीं वेटिंग टिकट पर स्लीपर अथवा एसी कोच में यात्रा पर रोक है। ऐसे में वापस लौटने वाले रिजर्वेशन कराने में जुट गए हैं लेकिन सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों की सीट पहले ही फूल हो चुकी है। ठंड की वजह से 28 फरवरी तक पीडीडीयू जंक्शन से होकर गुजरने वाली 30 जोड़ी से अधिक ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया था। इससे यात्रियों को अधिक परेशानी हो रही है। वहीं कोरोना के पहले प्रति वर्ष होली पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती रही है। इस वर्ष अभी तक इस बारे में रेलवे की ओर से कोई सूचना जारी नहीं हुई है। इसस यात्री निराश हैं। नगर से सटे लख्मीपुर निवासी महेन्द्र ने बताया कि उनका भाई मुंबई में है, लेकिन किसी ट्रेन में सीट खाली नहीं है। पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, भागलपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, मुंबई मेल में सीट खाली नहीं है। सभी ट्रेनों में वेटिंग पचास से अधिक दिख रही है। वहीं ओड़वार निवासी महेश ने बताया कि उसके माता पिता चेन्नई गए हैं। अब चेन्नई से आने के लिए टिकट नहीं मिल रहा है। चेन्नई से आने के लिए 15 मार्च को एग्मोर गया एक्सप्रेस के स्लीपर में 212 तो संघमित्रा एक्सप्रेस में 244 वेटिंग लिस्ट है। काली महाल निवासी राहुल, अजय, गया कॉलोनी निवासी राम सिंह आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष सामान्य ट्रेनों के साथ ही होली स्पेशल चलाई जाती थी। इस बार अब तक इसकी घोषणा नहीं की गइ्र है। इससे दिक्कत हो रही है।
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