{"_id":"5f4be7108ebc3ee5002e68fb","slug":"rasda-mla-gave-two-lakh-help-to-the-son-of-inspector-chandauli-news-vns5443695155","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसड़ा विधायक ने इंस्पेक्टर के बेटे को दी दो लाखकी मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसड़ा विधायक ने इंस्पेक्टर के बेटे को दी दो लाखकी मदद
विज्ञापन
बबुरी के चनहटा में अजय सिंह के परिजनों को चेक देते रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह।
- फोटो : CHANDAULI
रसड़ा विधायक ने इंस्पेक्टर के बेटे को दी दो लाख की मदद
सचित्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बबुरी। थाना क्षेत्र के चनहटा (खुरहुजा) निवासी इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह की कोरोना से मौत के बाद उनके परिवार को सांत्वना देने शनिवार की देर शाम बलिया के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को ढांढस बधाया। साथ ही इंस्पेक्टर अजय सिंह के परिवार से मिले। उन्होंने अजय के पिता एवं बड़े बेटे सूर्य प्रताप सिंह को दो लाख रूपए की आर्थिक मदद की है। विधायक ने परिवार और बेटे को भरोसा दिलाया कि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ इंस्पेक्टर के बच्चों की पढ़ाई लिखाई में कोई कमी महसूस नहीं होने दिया जाएगा। विधायक उमाशंकर ने कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह के इंस्पेक्टर बिरले ही मिलते हैं, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी सेवा देते हुए कोरोना की जंग में हार गए। उनकी ईमानदारी यह रही कि उनके निधन के बाद जब उनका बैंक खाता देखा गया तो मात्र 900 रुपये ही निकले और पता चला कि पीएफ से भी लोन ले रखे हैं। ऐसे पुलिसकर्मी पर पुलिस विभाग और हम सभी को गर्व है। वह प्रतापगढ़ में क्राइम प्रभारी थे। कोरोना से संक्रमित होने के बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। इस दौरान अजय सिंह,हरि सिंह और सोनू मौजूद थे।
विज्ञापन
सचित्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बबुरी। थाना क्षेत्र के चनहटा (खुरहुजा) निवासी इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह की कोरोना से मौत के बाद उनके परिवार को सांत्वना देने शनिवार की देर शाम बलिया के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को ढांढस बधाया। साथ ही इंस्पेक्टर अजय सिंह के परिवार से मिले। उन्होंने अजय के पिता एवं बड़े बेटे सूर्य प्रताप सिंह को दो लाख रूपए की आर्थिक मदद की है। विधायक ने परिवार और बेटे को भरोसा दिलाया कि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ इंस्पेक्टर के बच्चों की पढ़ाई लिखाई में कोई कमी महसूस नहीं होने दिया जाएगा। विधायक उमाशंकर ने कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह के इंस्पेक्टर बिरले ही मिलते हैं, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी सेवा देते हुए कोरोना की जंग में हार गए। उनकी ईमानदारी यह रही कि उनके निधन के बाद जब उनका बैंक खाता देखा गया तो मात्र 900 रुपये ही निकले और पता चला कि पीएफ से भी लोन ले रखे हैं। ऐसे पुलिसकर्मी पर पुलिस विभाग और हम सभी को गर्व है। वह प्रतापगढ़ में क्राइम प्रभारी थे। कोरोना से संक्रमित होने के बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। इस दौरान अजय सिंह,हरि सिंह और सोनू मौजूद थे।