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Chandauli News: ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में आवाज की बुलंद
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पीडीडीयू नगर। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में बुधवार को विभिन्न यूनियनों और संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। रेलवे व अन्य विभागों के संगठनों ने धरना के माध्यम से श्रम कानूनों को वापस लेने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, विभागों में खाली पदों को भरने की मांग की।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन ने पीडीडीयू मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशन व रेलवे के विभागीय कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या एक और दो के पूर्वी छोर पर ईसीआरईयू के मंडल सचिव डीके मिश्र की नेतृत्व में धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओंं ने कहा कि चार श्रम विरोधी कानून में कई खामियां हैं। वे उसका हम विरोध करते हैं। वक्ताओं ने निजीकरण पर रोक लगाने, काम के घंटे 8 घंटे निर्धारित करने और सभी सरकारी खाली पदों को भरने की मांग की। इस दौरान एनपीएस, यूपीएस को समाप्त कर ओपीएस बहाल करने की मांग की। सभा में कमलेश मांझी, प्रिय रंजन, अजीत वर्मा, अमरेंद्र वर्मा, सुनील कुमार, उपेंद्र कुमार, पवन कुमार, मोहम्मद शब्बीर, राजीव रंजन, संदीप कुमार, मनोज पासवान, यशवंत सिंह आदि उपस्थित रहे। उधर, प्लांट डिपो में यूनियन के बैनर तले कर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे में प्रति वर्ष दो प्रतिशत इंप्लाइज के पोस्ट को सरेंडर करने के आदेश पर रोक लगाने, रेलवे के सभी खाली पदों को भरने, रेलवे में आउट सोर्सिंग बंद करने, समान काम समान वेतन के तहत रेलवे में कार्यरत ठेका मजदूरों को समान वेतन देने, 8वें वेतन आयोग में पति-पत्नी, 2 बच्चे एवं बूढ़े मां - बाप सहित 6 लोगों को आधार मानकर वेतन का निर्धारण करने की मांग की। इस दौरान चंद्रिका यादव, मृत्युंजय कुमार, अभिराम सिंह, अविनाश राज, प्रभात कुमार, शिवशंकर यादव, सुधीर कुमार, अशोक कुमार सिंह, प्रतीश कुमार, मुकेश कुमार, अमित अंथोनी सत्यानंद, नरेश कुमार, प्रशांत कुमार, अशोक यादव, मुन्ना कुमार आदि रहे। इसी तरह डीजल शेड में कमलेश मांझी, कैरेज एंड वैगन में राम सूरत सिंह, चंदौली में अशोक सिंह, विरेंद्र कुमार, चंदन राय, सैयदराजा में रामकिशोर, कर्मनाशा में केंद्रीय अध्यक्ष संतोष पासवान, मनीष कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। उधर, किसान न्याय मोर्चा की बुधवार को अलीनगर स्थित कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में मजदूर संगठनों के भारत बंद का समर्थन किया गया। बैठक में शमीम मिल्की, इंद्रजीत शर्मा, कृष्णकांत यादव, गार्गी पटेल, क्यामुद्दीन अंसारी ,केदार यादव, बैजनाथ यादव, लक्ष्मण चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, नियामताबाद में सीटू के आह्वान पर औद्योगिक क्षेत्र फेज वन में एक आयरन कंपनी के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने मजदूरी कम देने और शोषण करने का आरोप लगाया गया। इस दौरान सुशील सिंह, सुनील पांडेय, धीरेंद्र सिंह, धनंजय सिंह, संतोष विश्वकर्मा, अरविंद यादव, अमरनाथ यादव, प्रमोद कामत आदि मौजूद रहे। उधर, देश भर में प्रस्तावित आम हड़ताल के समर्थन में बुधवार को चकिया में वामपंथी संगठनों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। मां काली जी के पोखरा और डूहीं-सूहीं डॉ. आंबेडकर पार्क से किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान लाल झंडा लेकर जुलूस के रूप में गांधी पार्क परिसर पहुंचे। जहां हुई सभा में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि केंद्र की नरेंद्र मोदी और प्रदेश रकार ने पहले जो अधिकार मजदूरों, किसानों और महिलाओं को दिए थे, उन्हें अब छीनने का प्रयास कर रही है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के दबाव में चार श्रम कानून लागू करने की तैयारी में है। इससे देश के लाखों मजदूरों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। वक्ताओं ने आगे कहा कि सरकारी स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक उद्योगों अब निजी हाथों में बेचा जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती जैसी बुनियादी आवश्यकताएं आम गरीब और किसानों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस धार्मिक मुद्दों को हवा देकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रहे हैं। सभा में आईपीएफ के दिनकर कपूर, भाकपा माले के अनिल पासवान, विजई राम, किसान सभा के शंभूनाथ यादव, लालचंद सिंह, राजेंद्र यादव, महिला समिति की लालमनी विश्वकर्मा, सीटू के महानंद और खेत मजदूर यूनियन के शिवमूरत आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। जिसमें परमानंद, शिवमूरत, अखिलेश दूबे, रामायण राम और जयप्रकाश शामिल रहे। संचालन शंभूनाथ यादव ने किया। अंत में लोगों ने 12 सूत्रीय मांगपत्र तैयार कर नायब तहसीलदार को सौंपा। जिसमें मजदूरों और किसानों से संबंधित मांगें शामिल रहीं।
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ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन ने पीडीडीयू मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशन व रेलवे के विभागीय कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या एक और दो के पूर्वी छोर पर ईसीआरईयू के मंडल सचिव डीके मिश्र की नेतृत्व में धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओंं ने कहा कि चार श्रम विरोधी कानून में कई खामियां हैं। वे उसका हम विरोध करते हैं। वक्ताओं ने निजीकरण पर रोक लगाने, काम के घंटे 8 घंटे निर्धारित करने और सभी सरकारी खाली पदों को भरने की मांग की। इस दौरान एनपीएस, यूपीएस को समाप्त कर ओपीएस बहाल करने की मांग की। सभा में कमलेश मांझी, प्रिय रंजन, अजीत वर्मा, अमरेंद्र वर्मा, सुनील कुमार, उपेंद्र कुमार, पवन कुमार, मोहम्मद शब्बीर, राजीव रंजन, संदीप कुमार, मनोज पासवान, यशवंत सिंह आदि उपस्थित रहे। उधर, प्लांट डिपो में यूनियन के बैनर तले कर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे में प्रति वर्ष दो प्रतिशत इंप्लाइज के पोस्ट को सरेंडर करने के आदेश पर रोक लगाने, रेलवे के सभी खाली पदों को भरने, रेलवे में आउट सोर्सिंग बंद करने, समान काम समान वेतन के तहत रेलवे में कार्यरत ठेका मजदूरों को समान वेतन देने, 8वें वेतन आयोग में पति-पत्नी, 2 बच्चे एवं बूढ़े मां - बाप सहित 6 लोगों को आधार मानकर वेतन का निर्धारण करने की मांग की। इस दौरान चंद्रिका यादव, मृत्युंजय कुमार, अभिराम सिंह, अविनाश राज, प्रभात कुमार, शिवशंकर यादव, सुधीर कुमार, अशोक कुमार सिंह, प्रतीश कुमार, मुकेश कुमार, अमित अंथोनी सत्यानंद, नरेश कुमार, प्रशांत कुमार, अशोक यादव, मुन्ना कुमार आदि रहे। इसी तरह डीजल शेड में कमलेश मांझी, कैरेज एंड वैगन में राम सूरत सिंह, चंदौली में अशोक सिंह, विरेंद्र कुमार, चंदन राय, सैयदराजा में रामकिशोर, कर्मनाशा में केंद्रीय अध्यक्ष संतोष पासवान, मनीष कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। उधर, किसान न्याय मोर्चा की बुधवार को अलीनगर स्थित कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में मजदूर संगठनों के भारत बंद का समर्थन किया गया। बैठक में शमीम मिल्की, इंद्रजीत शर्मा, कृष्णकांत यादव, गार्गी पटेल, क्यामुद्दीन अंसारी ,केदार यादव, बैजनाथ यादव, लक्ष्मण चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, नियामताबाद में सीटू के आह्वान पर औद्योगिक क्षेत्र फेज वन में एक आयरन कंपनी के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने मजदूरी कम देने और शोषण करने का आरोप लगाया गया। इस दौरान सुशील सिंह, सुनील पांडेय, धीरेंद्र सिंह, धनंजय सिंह, संतोष विश्वकर्मा, अरविंद यादव, अमरनाथ यादव, प्रमोद कामत आदि मौजूद रहे। उधर, देश भर में प्रस्तावित आम हड़ताल के समर्थन में बुधवार को चकिया में वामपंथी संगठनों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। मां काली जी के पोखरा और डूहीं-सूहीं डॉ. आंबेडकर पार्क से किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान लाल झंडा लेकर जुलूस के रूप में गांधी पार्क परिसर पहुंचे। जहां हुई सभा में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि केंद्र की नरेंद्र मोदी और प्रदेश रकार ने पहले जो अधिकार मजदूरों, किसानों और महिलाओं को दिए थे, उन्हें अब छीनने का प्रयास कर रही है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के दबाव में चार श्रम कानून लागू करने की तैयारी में है। इससे देश के लाखों मजदूरों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। वक्ताओं ने आगे कहा कि सरकारी स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक उद्योगों अब निजी हाथों में बेचा जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती जैसी बुनियादी आवश्यकताएं आम गरीब और किसानों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस धार्मिक मुद्दों को हवा देकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रहे हैं। सभा में आईपीएफ के दिनकर कपूर, भाकपा माले के अनिल पासवान, विजई राम, किसान सभा के शंभूनाथ यादव, लालचंद सिंह, राजेंद्र यादव, महिला समिति की लालमनी विश्वकर्मा, सीटू के महानंद और खेत मजदूर यूनियन के शिवमूरत आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। जिसमें परमानंद, शिवमूरत, अखिलेश दूबे, रामायण राम और जयप्रकाश शामिल रहे। संचालन शंभूनाथ यादव ने किया। अंत में लोगों ने 12 सूत्रीय मांगपत्र तैयार कर नायब तहसीलदार को सौंपा। जिसमें मजदूरों और किसानों से संबंधित मांगें शामिल रहीं।
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