{"_id":"6ad1350c089ffd3a3301b90c","slug":"presentation-of-the-marriage-of-ram-and-janaki-at-the-ramlila-in-arangi-chandauli-news-c-189-1-svns1011-156296-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: अरंगी की रामलीला में राम-जानकी विवाह की प्रस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: अरंगी की रामलीला में राम-जानकी विवाह की प्रस्तुति
विज्ञापन
कंदवा के आरंगी में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत:-जागरूक पाठक
कंदवा। क्षेत्र के अरंगी गांव में चल रही रामलीला के पांचवें दिन बुधवार रात राम-जानकी विवाह का मंचन किया गया। शिव धनुष टूटने और राम-सीता के विवाह की सूचना से जनकपुर और अयोध्या में उल्लास छा गया।
श्रीराम के शिव धनुष तोड़ने की सूचना मिलने पर महाराज दशरथ बरात की तैयारी कराने को कहते हैं। बरात जनकपुर के लिए रवाना होती है। पहुंचने पर महाराज जनक स्वागत करते हैं। विवाह की रस्मों के दौरान ‘राम सरिस बरु दुलहिनि सीता-समधी दसरथु जनकु पुनीता’ के साथ पुष्प वर्षा होती है। मंगला चरण के साथ विवाह की रस्में पूरी होती हैं। इसके बाद श्रीराम-सीता के साथ लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतिकीर्ति का विवाह कराया जाता है। विवाह के बाद सखियां श्रीराम की आरती उतारती हैं। इसी के साथ लीला का समापन हो जाता है। इस दौरान लीलाधर सिंह, धनवंतरी पांडेय, अजीत सिंह, सिक्कू सिंह सहित अन्य लीला प्रेमी मौजूद रहे।
इनसेट
गाजे-बाजे के साथ निकली श्रीराम की बरात
कंदवा। श्रीरामलीला समिति की ओर से बुधवार रात गाजे-बाजे और डीजे के साथ राम बरात निकाली गई। भक्ति गीतों पर युवा नाचते-गाते और जय श्रीराम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। बरात का पहला पड़ाव शिव मंदिर रहा। इसके बाद बरात मंदिर होते हुए रामलीला चबूतरे पर पहुंची, जहां राजा जनक ने बरातियों का स्वागत किया। बरात में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीराम के शिव धनुष तोड़ने की सूचना मिलने पर महाराज दशरथ बरात की तैयारी कराने को कहते हैं। बरात जनकपुर के लिए रवाना होती है। पहुंचने पर महाराज जनक स्वागत करते हैं। विवाह की रस्मों के दौरान ‘राम सरिस बरु दुलहिनि सीता-समधी दसरथु जनकु पुनीता’ के साथ पुष्प वर्षा होती है। मंगला चरण के साथ विवाह की रस्में पूरी होती हैं। इसके बाद श्रीराम-सीता के साथ लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतिकीर्ति का विवाह कराया जाता है। विवाह के बाद सखियां श्रीराम की आरती उतारती हैं। इसी के साथ लीला का समापन हो जाता है। इस दौरान लीलाधर सिंह, धनवंतरी पांडेय, अजीत सिंह, सिक्कू सिंह सहित अन्य लीला प्रेमी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इनसेट
गाजे-बाजे के साथ निकली श्रीराम की बरात
कंदवा। श्रीरामलीला समिति की ओर से बुधवार रात गाजे-बाजे और डीजे के साथ राम बरात निकाली गई। भक्ति गीतों पर युवा नाचते-गाते और जय श्रीराम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। बरात का पहला पड़ाव शिव मंदिर रहा। इसके बाद बरात मंदिर होते हुए रामलीला चबूतरे पर पहुंची, जहां राजा जनक ने बरातियों का स्वागत किया। बरात में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
विज्ञापन