{"_id":"580533f14f1c1b672c70331a","slug":"pankaj-sage-depart-for-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंकज बाबा मथुरा के लिए विदा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंकज बाबा मथुरा के लिए विदा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 18 Oct 2016 01:56 AM IST
विज्ञापन
कटेसर गांव से रवाना होते पंकज बाबा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध जन जागरण यात्रा के दौरान हुए हादसे के तीसरे दिन सोमवार की सुबह कटेसर-डोमरी गांव में पंकज बाबा के दर्शन के लिए अनुयायियों की भीड़ लगी रही।
पंडाल में सुबह से ही बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए अनुयायी कतारबद्ध हो गए। बाबा अनुयायियों को विदा करते रहे और रास्ते भर किसी तरह की जोखिम न उठाते हुए घर पहुंचने की सीख भी देते रहे। दिन के 11 बजे बाबा इनोवा कार से मथुरा के लिए विदा हो गए। इसी के साथ यहां करीब दो किलोमीटर एरिया में टेंट-शामियाने से बसाए गए उप नगर को समेटने का काम शुरू हो गया।
तीन दिन डोमरी गांव के आश्रम में प्रवास के बाद जय गुरुदेव आध्यात्मिक संस्था के अध्यक्ष पंकज बाबा सोमवार को अनुयायियों को विदा करने के बाद मथुरा के लिए निकले। हादसे के बाद से फैली गिरफ्तारी की अफवाहों को नजरअंदाज कर पंकज बाबा तब तक डोमरी के सत्संग स्थल पर पंडाल में ठहरे रहे, जब तक कि देश के कोने-कोने से आए अनुयायियों को उन्होंने विदा नहीं कर लिया। सोमवार की दोपहर 12 बजे तक करीब 1200 बसों से भक्त घरों के लिए रवाना हुए। सोमवार को सत्संग स्थल पर 10 हजार से अधिक भक्तों का जमावड़ा रहा। बाबा अनुयायियों से घिरे रहे। इस दौरान बाबा के दर्शन की होड़ मची रही। बाबा अनुयायियों को समझा रहे थे कि रास्ते में रात हो जाए तो रुक जाना।
विज्ञापन
रात को थकान हो या नींद आने लगे तो वाहन खड़ा कर देना। दूसरे दिन आराम से घर के लिए निकलें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके। बाबा के डोमरी से निकलने से पहले तक चंदौली के डीएम-एसपी वहीं डटे रहे। दूसरी तरफ जयगुरुदेव आध्यात्मिक संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबू राम ने बताया कि बाबा सीधे मथुरा जाएंगे।
विज्ञापन
पंडाल में सुबह से ही बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए अनुयायी कतारबद्ध हो गए। बाबा अनुयायियों को विदा करते रहे और रास्ते भर किसी तरह की जोखिम न उठाते हुए घर पहुंचने की सीख भी देते रहे। दिन के 11 बजे बाबा इनोवा कार से मथुरा के लिए विदा हो गए। इसी के साथ यहां करीब दो किलोमीटर एरिया में टेंट-शामियाने से बसाए गए उप नगर को समेटने का काम शुरू हो गया।
विज्ञापन
तीन दिन डोमरी गांव के आश्रम में प्रवास के बाद जय गुरुदेव आध्यात्मिक संस्था के अध्यक्ष पंकज बाबा सोमवार को अनुयायियों को विदा करने के बाद मथुरा के लिए निकले। हादसे के बाद से फैली गिरफ्तारी की अफवाहों को नजरअंदाज कर पंकज बाबा तब तक डोमरी के सत्संग स्थल पर पंडाल में ठहरे रहे, जब तक कि देश के कोने-कोने से आए अनुयायियों को उन्होंने विदा नहीं कर लिया। सोमवार की दोपहर 12 बजे तक करीब 1200 बसों से भक्त घरों के लिए रवाना हुए। सोमवार को सत्संग स्थल पर 10 हजार से अधिक भक्तों का जमावड़ा रहा। बाबा अनुयायियों से घिरे रहे। इस दौरान बाबा के दर्शन की होड़ मची रही। बाबा अनुयायियों को समझा रहे थे कि रास्ते में रात हो जाए तो रुक जाना।
विज्ञापन
रात को थकान हो या नींद आने लगे तो वाहन खड़ा कर देना। दूसरे दिन आराम से घर के लिए निकलें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके। बाबा के डोमरी से निकलने से पहले तक चंदौली के डीएम-एसपी वहीं डटे रहे। दूसरी तरफ जयगुरुदेव आध्यात्मिक संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबू राम ने बताया कि बाबा सीधे मथुरा जाएंगे।