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अब पढ़नी पड़ेगी पूरी किताब तभी करेंगे परीक्षा पास
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पीडीडीयू नगर। कोरोना काल के चलते सीबीएसएई ने बोर्ड परीक्षा के पाठ्यक्रम में छात्रहित को देखते हुए भले ही 30 फीसदी कटौती कर दी हो लेकिन परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया है। पाठ्यक्रम में कटौती के बाद जो कोर्स हैं उन्हें रटकर नहीं अपितु अब अच्छी तरह से पढ़ना और समझना होगा। कारण कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड में आब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या बढ़ा दी गई है। और पिछले साल की तुलना में इस बार सब्जेक्टिव प्रश्नों को कम कर दिया गया है। ऐसे में पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझना और पढ़ना होगा।
सनबीम मुगलसराय की उप प्रधानाचार्य स्मृति खन्ना ने बताया कि कोरोना के चलते बोर्ड ने कोर्स में 30 फीसदी की कटौती कर दी है। वहीं आब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या भी बढ़ाई गई है। दसवीं में पहले 80 अंक के सवाल विषय से सवाल पूछे जाते थे। इस बार दसवीं के छात्रों को 80 अंक के सवाल में एक-एक अंक के 40 सवाल आब्जेक्टिव होंगे और 40 अंक के प्रश्न विषय से पूछे जाएंगे। इसी तरह बारहवीं में भी बदलाव किया गया है। इसमें भी विषय से 80 अंक में सवाल पूछे जाते थे। इसमें भी पहले करीब 25 फीसदी आब्जेक्टिव सवाल होते थे लेकिन इस बार इन सवालों की संख्या बढ़ाकर 30-35 फीसदी तक कर दी गई है। बाकी सवाल विषय से पूछे जाएंगे। ऐसे में बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले दसवीं और बारहवीं के छात्रों को आब्जेक्टिव सवालों के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। विषय को सिर्फ रटने से काम नहीं चलेगा। पाठ्यक्रम को समझना होगा। ऐसे में जो विद्यार्थी इस बार बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहे हैं वे अभी से पूरी तैयारी में जुट जाएं और मेहनत से पाठ्यक्रम को समझें। क्योंकि आब्जेक्टिव सवाल तार्किक होंगे और इसके लिए कड़े परिश्रम की जरूरत है।
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सनबीम मुगलसराय की उप प्रधानाचार्य स्मृति खन्ना ने बताया कि कोरोना के चलते बोर्ड ने कोर्स में 30 फीसदी की कटौती कर दी है। वहीं आब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या भी बढ़ाई गई है। दसवीं में पहले 80 अंक के सवाल विषय से सवाल पूछे जाते थे। इस बार दसवीं के छात्रों को 80 अंक के सवाल में एक-एक अंक के 40 सवाल आब्जेक्टिव होंगे और 40 अंक के प्रश्न विषय से पूछे जाएंगे। इसी तरह बारहवीं में भी बदलाव किया गया है। इसमें भी विषय से 80 अंक में सवाल पूछे जाते थे। इसमें भी पहले करीब 25 फीसदी आब्जेक्टिव सवाल होते थे लेकिन इस बार इन सवालों की संख्या बढ़ाकर 30-35 फीसदी तक कर दी गई है। बाकी सवाल विषय से पूछे जाएंगे। ऐसे में बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले दसवीं और बारहवीं के छात्रों को आब्जेक्टिव सवालों के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। विषय को सिर्फ रटने से काम नहीं चलेगा। पाठ्यक्रम को समझना होगा। ऐसे में जो विद्यार्थी इस बार बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहे हैं वे अभी से पूरी तैयारी में जुट जाएं और मेहनत से पाठ्यक्रम को समझें। क्योंकि आब्जेक्टिव सवाल तार्किक होंगे और इसके लिए कड़े परिश्रम की जरूरत है।
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