फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   No water in the river, eight pump canals lying dry

नदी में पानी नहीं, सूखे पड़े आठ पंप कैनाल, किसान बेहाल

Sun, 12 Jun 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jun 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
No water in the river, eight pump canals lying dry
पीडीडीयू नगर/कंदवा। इन दिनों कर्मनाशा नदी पानी के अभाव में नाले का रूप ले चुकी है। सूखी नदी के बीच में केवल पानी की पतली सी धारा बह रही है। जिसकी वजह से जिले के दस हजार हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए लगाए गए आठ पंप कैनाल भी सूखे पड़े हैं। इस समय किसान धान की नर्सरी डालने को लेकर परेशान हैं लेकिन नदी सूखी होने से पंप कैनालों और नहरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में किसानों के सामने बरसात का इंतजार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
विज्ञापन

कंदवा क्षेत्र के किसानों की सिंचाई का एक मात्र साधन कर्मनाशा नदी में लगे लिफ्ट कैनाल पानी के अभाव में नहीं चल पा रहे हैं। इससे किसानों की धान की नर्सरी बर्बाद होने के कगार पर है। परेशान किसान नदी में बालू भरे बोरों के सहारे नदी के पानी को रोकने के प्रयास में जुटे हैं। चारी, चिरईगांव, मुड्डा, धनाइतपुर, अरंगी, अदसड़, ककरैत और करौती गांव के किसानों की खेती कर्मनाशा नदी में लगे लिफ्ट कैनालों से होती है। वर्तमान में नदी में पानी ही नहीं है। इससे कोई भी लिफ्ट कैनाल दो चार मिनट से ज्यादा नहीं चल पा रहा है जिससे पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जिन किसानों ने नर्सरी डाल दी है, उनकी नर्सरी सूखने के कगार पर है। वहीं पानी के अभाव में कई किसानों की नर्सरी ही नहीं पड़ सकी है। लिफ्ट कैनालों के न चलने से किसान न तो अपनी नर्सरी बचा पा रहे हैं और न डाल पा रहे हैं।
विज्ञापन

इनसेट.........
नदी का पानी रोकने पर बिहार के किसान होते हैं नाराज
पीडीडीयू नगर। परेशान किसानों ने बालू से भरी बोरियों को नदी में रखकर पानी को पूरी तरह रोकने का प्लान बनाया है। पिछले साल भी किसानों ने यही उपाय किया था लेकिन उसके बाद भी लिफ्ट कैनाल पूरी क्षमता से नहीं चल पाए थे और मात्र 10 से 15 मिनट तक चलने के बाद पानी समाप्त हो जा रहा था। वहीं नदी में बेड़ा लगाने से उन्हें बिहार के किसानों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी।संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

कर्मनाशा में लगे लिफ्ट कैनाल नदी में पानी कम होने के चलते वर्तमान समय में केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।किसान पानी के अभाव में धान की नर्सरी डालने और बचाने के लिए छटपटा रहे हैं। अजय पांडेय, करौती
कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों के अधिकांश किसान सिंचाई के लिए नदी में लगे लिफ्ट कैनालों पर आश्रित हैं। लेकिन वर्तमान में नदी में पानी न के बराबर होने से लिफ्ट कैनाल नहीं चल पा रहे हैं। जनार्दन राय, ककरैत
विभाग द्वारा पंप कैनाल के आसपास जमे सिल्ट की साफ सफाई करा दी जाए तो किसानों की नर्सरी की समस्या का समाधान हो सकता है। अभी तक कई किसान धान की नर्सरी डाल ही नहीं पाए हैं। पिंटू सिंह, अदसड़
पानी के अभाव में लिफ्ट कैनाल सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं जिससे नर्सरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। धान की खेती करने वाले किसान बारिश की आस में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। हदीस खां करौती
कंदवा। झाड़-झंखाड़ से पटे चारी चिरईगांव माइनर की साफ सफाई शुरू होने से किसान काफी गदगद हैं। ग्राम प्रधान गीता यादव की पहल पर मनरेगा के तहत माइनर की सफाई का कार्य शुरू किया गया है।
चारी लिफ्ट कैनाल से निकली माइनर चारी और चिरईगांव गांव के किसानों के खेतों की सिंचाई का एकमात्र साधन है। साफ सफाई के अभाव में बीते वर्ष बरसात में भी टेल के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया था। माइनर में झाड़- झंखाड़ उगने से पानी की रफ्तार धीमी हो गई थी। माइनर में लगे कुलाबे नहीं चल रहे थे और किसानों के खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। किसान निजी संसाधनों से धान के फसल की सिंचाई को विवश हुए थे। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिएग्राम प्रधान ने मनरेगा के तहत माइनर की साफ-सफाई शुरू करा दी है। इससे किसानों में काफी हर्ष है। किसान विजय बहादुर सिंह, नवीन सिंह, भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र विक्रम सिंह, श्याम बिहारी सिंह, संत बिलास सिंह, वकील पांडेय ने ग्राम प्रधान के इस कार्य की प्रशंसा की है। संवाद

पीडीडीयू नगर। नियामताबाद के कुंडा कला गांव में लगा पंप कैैनाल का एक पंप महीनों से खराब पड़ा है पर उसकी मरम्मत नहीं की जा रही है। पूर्व सपा सांसद रामकिशुन यादव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारी से रविवार को बात कर इसे जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की। पत्रकारों से बातचीत में रामकिशुन यादव ने कहा कि अधिकारियों को मालूम है कि यह समय धान की नर्सरी डालने का है। इसके बावजूद पंप कैनाल की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। मलोखर, शकूराबाद, भीसौडी सहित आधा दर्जन गांव के किसान इस पंप कैनाल से अपनी खेती की सिंचाई करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसानों के दर्द को समझें और जल्द से जल्द पंप कैनाल की मरम्मत कराई जाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed