फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   No water in canals, farmers worried about putting paddy nursery

नहरों में पानी नहीं, धान की नर्सरी डालने को परेशान किसान

Thu, 03 Jun 2021 06:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 06:45 PM IST
विज्ञापन
No water in canals, farmers worried about putting paddy nursery
धीना। जून का महीना शुरू होने के बाद भी पानी के अभाव में किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। नर्सरी डालने के लिए सबसे उचित समय यही होने के बाद भी क्षेत्र की सारी नहरें सूखी हैं। नर्सरी डालने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता पड़ती है पर नहरों में पानी न होने से किसान चिंतित हैं। वहीं सिंचाई विभाग शीघ्र नहरों में पानी छोड़ने का आश्वासन दे रहा है।
विज्ञापन

नरवन परगना में गिनती के कुछ किसानों के पास ही सिंचाई के निजी संसाधन हैं। ये किसान भी अपने संसाधन के सहारे आधी-अधूरी नर्सरी डाल पाए हैं। डिग्गी गांव के किसान कामेश्वर राय व अरविंद राय, नूरी निवासी किसान अरविंद सिंह, भैसौर निवासी किसान श्रीराम उपाध्याय व त्रिवेणी शुक्ला, डैना निवासी किसान दरोगा राय व प्रणव राय आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष गर्मी के दिनों में अप्रैल के अंत या मई प्रारंभ में ही नहरों में पानी चला दिया जाता था पर इस वर्ष अभी तक नहरें सूखी हैं।
विज्ञापन

क्षेत्र के धीना राजवाहा व कपसियां माइनर सहित सारी नहरें सूखी पड़ी हैं। यदि जून के प्रथम सप्ताह तक धान की नर्सरी नहीं डाली गईतो इसका असर पैदावार पर पड़ने के साथ खेती के पिछड़ने का भी भय है। क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से क्षेत्र की नहरों को पूरी क्षमता से चलाकर टेल के खेतों तक पानी पहुंचाए जाने की मांग की है।इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई अंशुमान तिवारी ने बताया कि शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed