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सैर सपाटे की रंगत पर टूट रहा खतरों का संकट
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चकिया। क्षेत्र के अघोषित पिकनिक स्पॉटों पर सैर सपाटे पर खतरों का ग्रहण गहराता जा रहा है। औरवाटांड़ जलप्रपात, लतीफशाह तथा कोईलरवा हनुमान मंदिर के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। ऐसे में यहां के चुआड़ खतरनाक हैं। जरा सी लापरवाही सैलानियों के लिए जानलेवा साबित होता है।
चकिया नगर से तीन किलोमीटर दक्षिण में स्थित लतीफशाह बियर पूरे पूर्वांचल के आस्थावानों तथा सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। बरसात में लतीफशाह बीयर से पानी गिरने का मनोरम दृश्य देखने, झरने के पानी में नहाने के लिए लोग आते हैं। हर वर्ष बियर के नीचे बनी टंकियों या बियर के नीचे के खतरनाक चट्टानों में फंस कर या डूबकर सैलानी की मौत होती है। यहां सैलानियों को बचाने के लिए कोई निर्देश की बोर्ड नहीं लगाया गया है। नौगढ़ के राजदरी देवदरी जलप्रपात में प्रवेश शुल्क लगता है। वर्तमान में इस पर्यटन केंद्र को बंद कर दिया गया है। ऐसे में सैलानी औरवाटाड जलप्रपात एवं कोईलरवा हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं। नौगढ़ बांध से छोड़े गए पानी औरवाटाड जलप्रपात में ऊंचाई से गिरता है। बांध के गेटों से रिसते पानी में नहाना खतरनाक है। औरवाटाड पुलिस चौकी है लेकिन वह सैलानियों पर निगाह नहीं रखती है। कोईलरवा हनुमान मंदिर जाने के 8 किलोमीटर के सकरी पक्के रास्ते के दोनों तरफ घना जंगल है। हनुमान मंदिर से थोड़ी दूर आम चुआड हैं। इस चुआड का पानी काफी ऊपर से नीचे गिरता है। इस पानी में नहाने का आनंद उठाने को सैलानी चुआड के खतरनाक चट्टानों से नीचे उतरते हैं जबकि चट्टानें फिसलन भरी होती है। पुलिस क्षेत्राधिकारी जगत राम कनौजिया ने कहा कि घोषित पिकनिक न स्पॉट न होने के कारण लतीफशाह बीयर पर अस्थाई रूप से पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है। सैलानियों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की जरूरत है।
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चकिया नगर से तीन किलोमीटर दक्षिण में स्थित लतीफशाह बियर पूरे पूर्वांचल के आस्थावानों तथा सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। बरसात में लतीफशाह बीयर से पानी गिरने का मनोरम दृश्य देखने, झरने के पानी में नहाने के लिए लोग आते हैं। हर वर्ष बियर के नीचे बनी टंकियों या बियर के नीचे के खतरनाक चट्टानों में फंस कर या डूबकर सैलानी की मौत होती है। यहां सैलानियों को बचाने के लिए कोई निर्देश की बोर्ड नहीं लगाया गया है। नौगढ़ के राजदरी देवदरी जलप्रपात में प्रवेश शुल्क लगता है। वर्तमान में इस पर्यटन केंद्र को बंद कर दिया गया है। ऐसे में सैलानी औरवाटाड जलप्रपात एवं कोईलरवा हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं। नौगढ़ बांध से छोड़े गए पानी औरवाटाड जलप्रपात में ऊंचाई से गिरता है। बांध के गेटों से रिसते पानी में नहाना खतरनाक है। औरवाटाड पुलिस चौकी है लेकिन वह सैलानियों पर निगाह नहीं रखती है। कोईलरवा हनुमान मंदिर जाने के 8 किलोमीटर के सकरी पक्के रास्ते के दोनों तरफ घना जंगल है। हनुमान मंदिर से थोड़ी दूर आम चुआड हैं। इस चुआड का पानी काफी ऊपर से नीचे गिरता है। इस पानी में नहाने का आनंद उठाने को सैलानी चुआड के खतरनाक चट्टानों से नीचे उतरते हैं जबकि चट्टानें फिसलन भरी होती है। पुलिस क्षेत्राधिकारी जगत राम कनौजिया ने कहा कि घोषित पिकनिक न स्पॉट न होने के कारण लतीफशाह बीयर पर अस्थाई रूप से पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है। सैलानियों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की जरूरत है।
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