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प्राकृतिक खेती भविष्य का आधार : राज्यमंत्री

Fri, 19 Jun 2026 01:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:19 AM IST
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Natural farming is the foundation of the future: Minister of State
मुख्यालय ​​स्थित कृ​षि विज्ञान केंद्र पर लाभा​र्थियों को प्रमाण पत्र देते प्रभारी मंत्री संजीव 
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केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। 18 और 19 जून तक चलने वाले कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, खेती की लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद के प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गोंड ने की। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती ही भविष्य का आधार है। रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर किसान उत्पादन लागत घटाने के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का 12 वर्षों का कार्यकाल किसान, गरीब और आमजन के कल्याण को समर्पित रहा है। कार्यक्रम में रमेश जायसवाल, कैलाश आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला में जिले के लगभग 500 किसानों ने भाग लिया।
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वैज्ञानिकों ने बताए प्राकृतिक खेती के लाभ
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने बदलती जलवायु और सुपर अल नीनो जैसी परिस्थितियों में खेती को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। उन्होंने किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, ब्रह्मास्त्र, अग्नास्त्र और नीमास्त्र जैसे जैविक घोलों एवं प्राकृतिक कीटनाशकों के निर्माण और उपयोग की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रथम दिवस के कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
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