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मंच पर जीवंत हुए नमक के दरोगा के पात्र
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सकलडीहा रोड स्थित ज्योति कांवेंट स्कूल में नमक का दरोगा का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। अस्मिता नाट्य संस्थान की ओर से नगर के अलीनगर स्थित ज्योति कान्वेंट स्कूल परिसर में मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती पर नाटक नमक का दरोगा का मंचन किया गया। इसके माध्यम से कलाकारों ने कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
विजय कुमार गुप्ता के निर्देेशन में हेमंत विश्वकर्मा, विजय गुुप्ता, नवीन भूषण, प्रदीप यादव, प्रकाश आदि कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद की लिखित नमक का दरोगा कहानी के पात्रों को जीवंत किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि सदानंद दुबे ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद महान उपन्यास कार, नाटक कार और कहानी कार रहे। उनकी रचनाएं जमीन से जुड़ कर समाज को प्रेरणा देती हैं। डॉ. उमाशरण ने कहा कि उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जितनी भी रचनाएं हैं, वे हृदय प्रिय और प्रेरणा दायक है। दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐसे महान साहित्यकार को हमारा समाज सदैव याद करेगा। इस मौके पर शिवनाथ गुप्ता, डॉ. जेके पांडेय, आनंद तोदी, राकेश शर्मा, अशोक साहू, अंजू चौहान रहे। अध्यक्षता चिंता प्रधान ने और संचालन कृष्ण मोहन गुप्ता ने की। अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक विजय कुमार गुप्ता ने किया।
पीडीडीयू नगर। मुंशी प्रेमचंद जी की 142वी जयंती अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के वृंदावन कालोनी मंजुलता मार्ग स्थित महासभा के शिविर कार्यालय पर मनायी गई। राष्ट्रीय मंत्री शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद आधुनिक हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर एवं कालजयी रचनाकार रहे। उन्होंने हिंदी की कहानी और उपन्यास के लेखन की एक नई परंपरा की शुरूआत की। उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर विकास श्रीवास्तव, प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव, अमित सहाय, गिरीश कुमार श्रीवास्तव, शैलेश श्रीवास्तव, ऋषभ श्रीवास्तव रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने और संचालन विक्रम श्रीवास्तव ने किया।संवाद
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विजय कुमार गुप्ता के निर्देेशन में हेमंत विश्वकर्मा, विजय गुुप्ता, नवीन भूषण, प्रदीप यादव, प्रकाश आदि कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद की लिखित नमक का दरोगा कहानी के पात्रों को जीवंत किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि सदानंद दुबे ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद महान उपन्यास कार, नाटक कार और कहानी कार रहे। उनकी रचनाएं जमीन से जुड़ कर समाज को प्रेरणा देती हैं। डॉ. उमाशरण ने कहा कि उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जितनी भी रचनाएं हैं, वे हृदय प्रिय और प्रेरणा दायक है। दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐसे महान साहित्यकार को हमारा समाज सदैव याद करेगा। इस मौके पर शिवनाथ गुप्ता, डॉ. जेके पांडेय, आनंद तोदी, राकेश शर्मा, अशोक साहू, अंजू चौहान रहे। अध्यक्षता चिंता प्रधान ने और संचालन कृष्ण मोहन गुप्ता ने की। अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक विजय कुमार गुप्ता ने किया।
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पीडीडीयू नगर। मुंशी प्रेमचंद जी की 142वी जयंती अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के वृंदावन कालोनी मंजुलता मार्ग स्थित महासभा के शिविर कार्यालय पर मनायी गई। राष्ट्रीय मंत्री शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद आधुनिक हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर एवं कालजयी रचनाकार रहे। उन्होंने हिंदी की कहानी और उपन्यास के लेखन की एक नई परंपरा की शुरूआत की। उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर विकास श्रीवास्तव, प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव, अमित सहाय, गिरीश कुमार श्रीवास्तव, शैलेश श्रीवास्तव, ऋषभ श्रीवास्तव रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने और संचालन विक्रम श्रीवास्तव ने किया।संवाद
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